Ragging: चार साल में रैगिंग से 51 छात्रों की मौत, मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा मामले; रिपोर्ट में खुलासा
Ragging: देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 2020 से 2024 के बीच रैगिंग के कारण 51 छात्रों की मौत दर्ज की गई। यह संख्या राजस्थान के कोटा में कोचिंग कर रहे छात्रों की आत्महत्या के मामलों के करीब पहुंच गई है। यह खुलासा हाल ही में प्रकाशित स्टेट ऑफ रैगिंग इन इंडिया 2022-24 रिपोर्ट में हुआ है। यह रिपोर्ट सोसाइटी अगेंस्ट वॉयलेंस इन एजुकेशन (SAVE) द्वारा प्रकाशित की गई, जिसमें 1,946 कॉलेजों से राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर दर्ज 3,156 शिकायतों का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों को रैगिंग के मामले में "हॉटस्पॉट" माना गया है, क्योंकि यहां सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। रिपोर्ट की मुख्य बातें 51 छात्रों की मौत रैगिंग से जुड़े मामलों में हुई। मेडिकल कॉलेज सबसे अधिक प्रभावित संस्थानों में शामिल हैं। 1,946 कॉलेजों से कुल 3,156 रैगिंग शिकायतें दर्ज की गईं। रिपोर्ट में ऐसे संस्थानों को भी चिन्हित किया गया है, जिनमें जोखिम सबसे अधिक है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कई मामलों में रैगिंग इतनी गंभीर थी कि छात्रों ने मानसिक तनाव और दबाव के चलते आत्महत्या कर ली। राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन को मिली शिकायतों के आधार पर उच्च शिक्षा संस्थानों में रैगिंग की स्थिति का गहन अध्ययन किया गया।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 24, 2025, 20:48 IST
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