ये कैसी व्यवस्था: यूपी के इस जिले में 60 दमकलकर्मियों पर 26 लाख की आबादी को बचाने की जिम्मेदारी, वाहन भी कम
मऊ जिले में 21.07 करोड़ रुपये की लागत से तीन नए फायर स्टेशन बनाए गए हैं, लेकिन मानक के अनुसार कर्मचारी नहीं हैं। 98 की जगह 60 दमकलकर्मियों पर ही जिले की 26 लाख की आबादी को आग से बचाने की जिम्मेदारी है। दमकल वाहन भी कम हैं। चार तहसीलों में 16 की जगह 12 ही दमकल वाहन हैं। बहुमंजिला इमारतों में आग से बचाव के लिए हाइड्रोलिक गाड़ियां नहीं हैं। नगर में लगाए गए 12 हाइड्रेंट भी बेकार हो गए। गाजीपुर तिराह, आजमगढ़ मोड़ और मुंशी कूड़ा पुल सहित अन्य जगहों पर लगाए गए हाइड्रेंट सड़क चौड़ीकरण की जद में आ गए। सिर्फ शहर कोतवाली और घोसी तहसील परिसर में लगाए गए हाइड्रेंट काम कर रहे हैं। आग लगने पर दमकलकर्मियों को आसानी से पानी नहीं मिल पाता है। पानी भरने के लिए तालाब या नहर का सहारा लेना पड़ता है, तब तक आग विकराल रूप धारण कर लेती है। हाइड्रेंट के लिए विभागीय अधिकारी बड़ी इमारतों और निजी अस्पतालों में लगे हाइड्रेंट पर निर्भर रहते हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 23, 2026, 01:09 IST
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