Lisa Su: एआई के दौर में कैसे मिलेगी करियर में कामयाबी? जानिए AMD की CEO लीसा सू से क्या है सफलता का मंत्र?
मशहूर चिप निर्माता कंपनी AMD की सीईओ लीसा सू की तरफ से युवाओं को संदेश आया है। लीसा ने कहा कि वो युवा जो अपना करियर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र में बनाने जा रहे हैं, उन्हें एक विजन के साथ काम करने की जरूरत है। MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के दीक्षांत समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कंपनियों को अब सिर्फ ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है जो सिर्फ एआई टूल्स को चलाना जानते हों। दुनिया को ऐसे युवाओं की तलाश है जिनके पास सही फैसला लेने, समस्याओं को सुलझाने और एक विजन के साथ काम करने की क्षमता हो। एआई सिर्फ एक टूल है, समझदारी आपकी होनी चाहिए लीसा सू ने युवाओं को समझाते हुए कहा, "दुनिया को केवल ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है जिन्हें इन ताकतवर टूल्स का इस्तेमाल करना आता हो। दुनिया को ऐसे लोगों की जरूरत है जिन्हें यह पता हो कि इन टूल्स का इस्तेमाल किस काम के लिए करना है।" साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में असली बदलाव लाने वाले लोग वही होंगे जो किसी मुश्किल समस्या को देखकर कहेंगे, "मुझे पता है यह काम बहुत जरूरी है और हम इसका कोई न कोई हल निकाल लेंगे।" एआई इंसान के 'निर्णय' की जगह क्यों नहीं ले सकता लीसा सू का मानना है कि एआई एक शानदार तकनीक है जो हेल्थकेयर, साइंस, एनर्जी और क्लाइमेट रिसर्च जैसे क्षेत्रों में तरक्की की रफ्तार कई गुना बढ़ा सकती है। लेकिन, इसकी अपनी कुछ सीमाएं हैं: एआई फैसले नहीं ले सकता: एआई यह तय नहीं कर सकता कि किन समस्याओं पर काम करना ज्यादा जरूरी है। जिम्मेदारी नहीं ले सकता: जब पूरा डेटा मौजूद न हो तो कड़े फैसले लेने और उनके नतीजों की जिम्मेदारी इंसान को ही उठानी पड़ती है, एआई को नहीं। भविष्य इंसान तय करते हैं: तकनीक खुद भविष्य का खाका तैयार नहीं करती, बल्कि काबिल इंसान यह काम खुद करते हैं। टेक उद्योग के दिग्गज भी हैं इस बात से सहमत सिर्फ लीसा सू ही नहीं, बल्कि तकनीकी दुनिया के अन्य बड़े नाम भी यही मानते हैं कि एआई के दौर में इंसानी समझ सबसे ऊपर है: जेनसेन हुआंग (एनवीडिया सीईओ): जेनसेन का मानना है कि पेशेवरों को अपने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ रचनात्मकता और मानवीय समझ को जोड़ना होगा। सैम ऑल्टमैन (ओपनएआई सीईओ): ओपनएआई सीईओ ने भी एआई के युग में इंसानी फैसलों और काम के प्रति बेहतर समझ को बेहद महत्वपूर्ण बताया है। तेजी से बढ़ रही है एआई कौशल की मांग लीसा सू की यह सलाह ऐसे समय में आई है जब हर उद्योग में एआई कौशल की मांग आसमान छू रही है। रोजगार के बाजार का आंकलन करने वाली संस्था 'लाइटकास्ट' के डेटा के मुताबिक: जेनरेटिव एआई रोजगार: साल 2024 में जेनरेटिव एआई कौशल मांगने वाली नौकरियों की संख्या 66,000 के पार पहुंच गई, जो 2023 में सिर्फ 16,000 थी। LLM जॉब्स: लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLM) से जुड़ी नौकरियां 5,000 से बढ़कर 20,000 तक पहुंच गई हैं। प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग: एआई से सही काम करवाने की कला यानी प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की मांग भी 1,400 से बढ़कर करीब 6,300 हो गई है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 03, 2026, 09:02 IST
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