HP: पंचायत प्रतिनिधि को जीतने के बाद अयोग्य ठहराने के लिए चुनाव याचिका ही एकमात्र रास्ता, जानें कोर्ट के फैसले
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े एक मामले में फैसला दिया है कि यदि किसी पंचायत प्रतिनिधि ने चुनाव लड़ने से पहले सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया था और वह स्थिति चुनाव के बाद भी बनी रहती है, तो उसे पद से हटाने या चुनाव रद्द कराने का एकमात्र कानूनी उपाय चुनाव याचिका है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्यतः चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर चुनाव याचिका दायर करनी होती है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 122(2)(बी) के तहत उपायुक्त केवल उन मामलों में कार्रवाई कर सकते हैं, जिनमें अयोग्यता चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद पैदा हुई हो।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 24, 2026, 18:29 IST
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