अंकिता भंडारी हत्याकांड: दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर बवाल, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए कार्रवाई से बचाने के आरोप

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राजनीति तेज हो गई है। सोमवार को दुष्यंत कुमार गौतम ने सिक्किम के राज्यपाल पद की शपथ ली। इसके बाद कांग्रेस ने भाजपा की केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस का दावा है कि गौतम को राज्यपाल बनाकर राजभवन में बैठाया गया है, ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं हो सके। हालांकि, ये कांग्रेस के आरोप हैं, खबर में उनके दोषी साबित होने की बात नहीं कही गई है। कांग्रेस ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर क्या आरोप लगाया कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि जिस व्यक्ति का नाम एक बड़े विवाद से जुड़ा है, उसे सिक्किम के राजभवन में बैठाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अंकिता भंडारी को अब तक न्याय क्यों नहीं मिला। सैलजा के मुताबिक, मामले में भाजपा से जुड़े लोगों की कथित ऑडियो क्लिप सामने आई थीं और एक वीआईपी का नाम भी चर्चा में आया था। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले के सभी पहलुओं की जांच नहीं की और कथित वीआईपी से जुड़े आरोपों पर भी पूरी पड़ताल नहीं हुई। अंकिता भंडारी हत्याकांड क्या है अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी। इसके चार दिन बाद उनका शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, जो भाजपा के पूर्व नेता विनोद आर्य के बेटे हैं, और उसके दो साथियों को दोषी ठहराया गया था। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस हत्याकांड के बाद उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। मामले में वीआईपी एंगल को लेकर क्यों उठ रहे सवाल हत्याकांड के बाद एक अज्ञात वीआईपी के कथित तौर पर मामले से जुड़े होने के आरोप सामने आए थे। अंकिता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहलू की जांच की मांग की है। इसी संदर्भ में दुष्यंत गौतम का नाम भी आरोपों के बीच उठाया गया है। कांग्रेस नेता सैलजा ने दावा किया कि जिस वीआईपी का नाम सामने आया, उससे पूछताछ नहीं की गई। उन्होंने यह भी सवाल किया कि सरकार गौतम को संरक्षण क्यों दे रही है और सीबीआई इस मामले में चुप क्यों है। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से क्या मांग की थी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर दोबारा विचार करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखा कि वह इसे आखिरी विकल्प के तौर पर उठा रहे हैं। उनका कहना था कि राष्ट्रपति सरकार को नियुक्ति संबंधी सलाह पर फिर विचार करने के लिए कह सकती हैं। गौतम को पिछले सप्ताह सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था और उन्होंने सोमवार को पद की शपथ ली।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 19, 2026, 12:31 IST
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