अशफाक उल्ला खां जयंती: जब सरकारी खजाना ले रही ट्रेन को ही लूट लिया गया, क्या था काकोरी कांड? पढ़ें इतिहास
भारत की स्वतंत्रता का इतिहास केवल आंदोलनों, सत्याग्रहों और राजनीतिक संघर्षों की कहानी नहीं है, बल्कि उन क्रांतिकारियों के साहस, त्याग और बलिदान की गाथा भी है, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती देने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे ही महान क्रांतिकारियों में एक नाम अशफाक उल्ला खां का है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। अशफाक उल्ला खां का नाम आते ही काकोरी कांड की याद आती है। 9 अगस्त 1925 को उत्तर प्रदेश के काकोरी रेलवे स्टेशन के पास क्रांतिकारियों ने सरकारी खजाना ले जा रही ट्रेन को रोककर उसमें रखी नकदी अपने कब्जे में ले ली थी। यह घटना ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी आंदोलन की एक एतिहासिक घटना बन गई। लेकिन आखिर काकोरी कांड की योजना क्यों बनाई गई थी इसमें अशफाक उल्ला खां की क्या भूमिका थी और इस घटना के बाद अंग्रेजी सरकार ने क्रांतिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की आइए जानते हैं इस एतिहासिक घटना की कहानी
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 21, 2026, 19:35 IST
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