मौन चीखें : मौत के ठंडे पानी में भी जिंदा था प्यार, माधूरी के पैरों पर टिके थे भाई-भांजे के हाथ, बांदा हादसा
बांदा जिले में जसपुरा थाना क्षेत्र के गौरीकला गांव निवासी उमाशंकर विश्वकर्मा ने बताया कि अभी हाल ही में मौदहा बांध का पानी नहरों के लिए छोड़ा गया है। नहरों से होकर बांध का पानी चंद्रावल नदी में आने से नदी का बहाव तेज था। इसी दौरान सोमवती अमावस्या में स्नान करने गए भाई-बहन समेत तीन बच्चे नदी में डूबकर बह गए थे। ताऊ उमाशंकर ने बताया कि जब तीनों के शव पानी से बाहर निकाले गए, तो भाई और भांजा अपनी बहन के पैर पकड़े हुए थे, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। इससे पता चलता है कि तीनों ने जान बचाने के लिए कितना संघर्ष किया होगा। गौरीकला गांव निवासी उमाशंकर के मुताबिक, माधुरी कक्षा नौ में गांव के ही विद्यालय में पढ़ती है। उसका भाई अंश कक्षा छह में था।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 16, 2026, 05:13 IST
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