दतिया का रण: क्या भाजपा वापस पाएगी अपना गढ़ या कांग्रेस दोहराएगी जीत? ओबीसी वोटर बनेंगे किंगमेकर

दतिया विधानसभा उपचुनाव मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो चुका है। चुनााव आयोग के तारीखों के एलान के साथ ही सियासी गर्मी बढ़ गई है। यहां पर 30 जुलाई को मतदान हो और 3 अगस्त को नतीजे आएंगे। दतिया उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा का प्रश्न है। भाजपा इस सीट पर दोबारा कब्जा कर अपना खोया गढ़ वापस पाना चाहती है, जबकि कांग्रेस के सामने 2023 की जीत को बरकरार रखने की चुनौती है।दतिया लंबे समय तक भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा। उन्होंने 2008, 2013 और 2018 में लगातार जीत दर्ज की, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने उन्हें 7,742 वोटों से हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया। बाद में एक पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में दोषसिद्धि के चलते राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई, जिसके बाद यह सीट रिक्त हुई और अब यहां उपचुनाव हो रहे हैं। ये भी पढ़ें-MP News:सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण पर होगी एफआईआर, सरकार कर रही नए कानून की तैयारी 15 चुनाव में 9 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की वर्ष 1957 से अब तक हुए 15 विधानसभा चुनावों में इस सीट पर कांग्रेस ने सबसे ज्यादा सफलता हासिल की है। दतिया की जनता ने 9 बार कांग्रेस के प्रत्याशी को विधानसभा भेजा है। वहीं जनता पार्टी एक बार, भाजपा को चार बार और समाजवादी पार्टी को एक बार जीत मिली है। इस बार होने वाले उपचुनाव में भी मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है। ये भी पढ़ें-MP News:'क्षिप्रा नहीं, शिप्रा कहिए' मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को बताया नदी का वास्तविक नाम

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 03, 2026, 11:56 IST
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