आप में संगठन बचाने की कवायद: जालंधर में आप की बड़ी बैठक, 25 विधायक सहित ऑब्जर्वर और इंचार्ज पहुंचे
पंजाब की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी इस समय अपने सबसे कठिन राजनीतिक दौर से गुजर रही है। सात राज्यसभा सांसदों के बगावती तेवर अपनाकर पार्टी छोड़ने और भाजपा का दामन थामने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। जालंधर के शाहपुर स्थित सिटी कैंपस में प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया की अगुवाई में आज अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें 25 से अधिक विधायक और मंत्री शामिल हुए। गद्दार शब्द पर उठे विवाद पर बोलेस्पीकर संधवा बैठक में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार संधवा, मंत्री बरिंदर गोयल और विधायक बलकार सिद्धू भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान “गद्दार” शब्द को लेकर उठे विवाद पर स्पीकर कुलतार संधवा ने कहा कि यह कोई छोटा मुद्दा नहीं है, इसका जवाब दो मिनट में नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर गए हैं, उन्हें खुद सोचना चाहिए कि उनका फैसला सही था या गलत। साथ ही उन्होंने सीएम भगवंत मान के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि दो विधायकों वाली पार्टी में सात राज्यसभा सदस्य कैसे बन सकते हैं, यह सोचने वाली बात है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे इस्तीफा देकर चुनाव लड़ें, तो सच्चाई सामने आ जाएगी। भाजपा पर बरसे विधायक बलकार सिद्धू विधायक बलकार सिद्धू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी पहले भी कई दलों को खत्म कर चुकी है और जो नेता इसमें शामिल हो रहे हैं, वे सिर्फ दो साल के मेहमान हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव को लेकर यह बैठक बेहद अहम है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरने जा रही है। वहीं मंत्री बरिंदर गोयल ने इसे रूटीन मीटिंग बताते हुए कहा कि पार्टी में ब्लॉक स्तर से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी एकजुट हैं और पंजाब की बेहतरी के लिए लगातार चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने वालों से कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि नुकसान उन्हें ही होता है। आप नेताओं ने कांग्रेस और विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के 50 विधायकों के पार्टी छोड़ने के दावे बेबुनियाद हैं। साथ ही यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं और जनता 2027 में फिर से पार्टी को सत्ता में लाने का मन बना चुकी है।बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने और आगामी चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी को संगठन बचाने की चिंता आम आदमी पार्टी केहालात ऐसे बन चुके हैं कि पंजाब में सरकार चला रही आप को अब सत्ता से अधिक संगठन बचाने की चिंता सताने लगी है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री मान ने पार्टी को टूटने से बचाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ पंजाब प्रभारी मनीष सिसाैदिया भी मौजूद रहेंगे। संजय सिंह और सिसोदिया ने संभाली कमान सांसदों की बगावत के बाद पंजाब में स्थिति संभालने की जिम्मेदारी मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को सौंपी गई है। दोनों नेताओं को संगठन को मजबूत बनाए रखने, असंतुष्ट नेताओं से संवाद करने और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने का दायित्व दिया गया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार मौजूदा सांसदों और विधायकों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई राजनीतिक संपर्क करता है या पार्टी छोड़ने का दबाव बनाता है तो इसकी जानकारी तुरंत वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाई जाए। कुछ मामलों में बातचीत का रिकॉर्ड रखने तक की सलाह दी गई है। इससे साफ है कि पार्टी नेतृत्व को भीतरघात का डर सता रहा है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 29, 2026, 08:15 IST
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