UP: ट्रैक्टर के लिए भाई ने किया भाई का कत्ल, हत्या से पहले हुई पंचायत भी न आई काम; कातिल की जुबानी पूरी कहानी

मसूरी थाना पुलिस और सर्विलांस टीम (ग्रामीण जोन) ने 6 दिन पूर्व रविवार को हुई एक ह्त्या की गुत्थी को सुलझाते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है, सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल इनपुट की मदद से पुलिस ने हत्या के आरोपी, जो कि मृतक का सगा छोटा भाई ही निकला, पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। एसीपी मसूरी सुनील कुमार ने बताया कि 26 जुलाई की सुबह, मसूरी थाना क्षेत्र के आध्यात्मिक नगर स्थित पीडब्लूडी अधिशासी अभियन्ता कार्यालय के पास झाड़ियों में एक करीब 42 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। मृतक के चेहरे व सिर पर गम्भीर चोटों के निशान थे, चेहरा खून से लथपथ था और सीने पर खून से सना भारी सीमेंटेड पत्थर रखा हुआ था। प्रथम दृष्टया पत्थर से कुचलकर हत्या और शव छुपाने की मंशा को देखते हुए चौकी प्रभारी गार्डन एनक्लेव की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मामले के खुलासे और मृतक की शिनाख्त के लिए तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीम, सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और फोटो/पम्फलेट के जरिए 30 जुलाई को मृतक की पहचान मोनू सिंह 42 वर्ष पुत्र रामपाल, निवासी ग्राम जन्डेल, थाना मूढा पाण्डे मुरादाबाद के रूप में हुई। गहन छानबीन के दौरान चौंकाने वाली बात सामने आई कि हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक के सगे छोटे भाई सुखबीर 26 वर्ष ने की थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी सुखबीर को मसूरी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। हत्या में इस्तेमाल किए गए खून से सने दो सीमेंटेड पत्थर भी बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी सुखबीर ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। आरोपी ने बताया"हम 6 भाई व एक बहन है, सभी शादीशुदा हैं, मृतक दूसरे नम्बर का व आरोपी पांचवें नम्बर का है, वह अनपढ़ है और बेलदारी का काम करता है। मोनू और सुखबीर दोनों मिलकर बेलदारी करते थे। आरोपी ने बताया कि हम दोनों ने मिलकर फरवरी 2026 में 2 लाख रुपये जमा करके 5 लाख 20 हजार रुपये के लोन पर अपने भाई मोनू के नाम से एक सोनालिका (750) ट्रैक्टर खरीदा था, ताकि दोनों मिलकर मेहनत-मजदूरी कर पैसा कमा सकें।"आरोपी सुखबीर अपने मृतक भाई मोनू का ट्रैक्टर अपने नाम करवाना चाहता था। ट्रैक्टर से होने वाली कमाई को लेकर उसके मन में बदनियती आ गई थी। कई बार दोनों में विवाद भी हुआ था। इस विवाद को सुलझाने के लिए परिवार और रिश्तेदारों के बीच पंचायत भी हुई थी, लेकिन मोनू ट्रैक्टर देने के लिए तैयार नहीं हुआ और गुस्से में बम्हैटा वेव सिटी आ गया। आरोपी ने अपने भाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और 25 जुलाई को वह अपने भाई मोनू के साथ गाजियाबाद गया वहां आरोपी ने मोनू को अत्यधिक शराब पिलाई। इसके बाद घर चलने के बहाने उसे पीडब्लूडी ऑफिस के पास लाकर डीएमई के नीचे सड़क किनारे एक गड्ढे में गिरा दिया तथा रात के समय आरोपी ने भारी पत्थर उठाकर मोनू के सिर, सीने और पेट पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी शव पर भारी पत्थर रखकर फरार हो गया था। एसीपी सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के शव को मेडिकल परिक्षण के लिए 72 घन्टों के लिये मोर्चरी में रखवा दिया था, तीन दिन बाद मेडिकल परिक्षण होने के बाद पुलिस ने शव का अन्तिम संस्कार गाजियाबाद स्थित श्मशान घाट में करवा दिया था। बाद में मृतक की फहचान मोनू सिंह के रूप में मृतक के पिता रामपाल व पत्नी ममता ने की। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा। पुलिस आरोपी के अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 31, 2026, 17:45 IST
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