CIC Report: आरटीआई खारिज करने में सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट सबसे आगे, सीआईसी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
सूचना के अधिकार यानी आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी को खारिज करने के मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट सबसे आगे रहे हैं। केंद्रीय सूचना आयोग यानी सीआईसी की नई वार्षिक रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2024-25 के दौरान कई बड़े सार्वजनिक प्राधिकरणों ने बड़ी संख्या में आरटीआई आवेदनों को अस्वीकार किया। गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय भी इस सूची में प्रमुख रूप से शामिल हैं। सीआईसी रिपोर्ट में खारिज आवेदनों का आंकड़ा सीआईसी की रिपोर्ट बताती है कि आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1) का इस्तेमाल सबसे ज्यादा बार किया गया। इसी धारा के तहत जानकारी देने से छूट मिलती है। पूरे साल में इस धारा का उपयोग 28,924 बार हुआ। यह कुल अस्वीकृति के आधारों का करीब 49.88 फीसदी है। इसका मतलब है कि लगभग आधे मामलों में इसी कानूनी प्रावधान के आधार पर आवेदन खारिज किए गए। दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली हाईकोर्ट ने 2,089 आरटीआई आवेदनों में से 22.88 फीसदी को खारिज किया। शीर्ष 20 मंत्रालयों, विभागों और स्वतंत्र सार्वजनिक प्राधिकरणों में यह सबसे अधिक अस्वीकृति दर है। सुप्रीम कोर्ट की अस्वीकृति दर 13.73 फीसदी रही। सुप्रीम कोर्ट को कुल 5,017 आवेदन मिले, जिनमें से 689 को अस्वीकार कर दिया गया। इससे साफ है कि न्यायिक संस्थानों में भी आरटीआई आवेदनों की छंटनी बड़े पैमाने पर हुई। ये भी पढ़ें-Weather Update:मौसम की दोहरी मार, पहाड़ों पर बर्फ और मैदानों में बढ़ी गर्मी; समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के आंकड़े गृह मंत्रालय ने 58,130 आरटीआई आवेदनों में से 7,750 को खारिज किया। इसकी अस्वीकृति दर 13.33 फीसदी रही, जो सभी मंत्रालयों में सबसे अधिक है। वित्त मंत्रालय को 2,20,283 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 18,734 आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया। कानून और न्याय मंत्रालय को 18,638 आवेदन मिले, जिनमें से 1,330 आवेदन खारिज किए गए। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 10,134 आवेदनों में से 7.98 फीसदी को अस्वीकार किया। कंपनी मामलों और शिक्षा मंत्रालय का रिकॉर्ड बेहतर कंपनी मामलों के मंत्रालय को सबसे ज्यादा 2,54,657 आरटीआई आवेदन मिले, लेकिन उसने केवल 351 आवेदन खारिज किए। यह कुल का सिर्फ 0.14 फीसदी है, जो सबसे कम दरों में शामिल है। शिक्षा मंत्रालय को 1,34,025 आवेदन मिले और इनमें से केवल 0.74 फीसदी आवेदन अस्वीकार हुए। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कुछ मंत्रालयों ने आरटीआई पर अपेक्षाकृत ज्यादा जानकारी उपलब्ध कराई। अन्य वीडियो-
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 13, 2026, 05:03 IST
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