चैंपियंस ट्राॅफी: भारत पाक मैच पर ट्राइसिटी में लगे करोड़ों के दांव, दुबई से ऑपरेट हो रहा ऑनलाइन सट्टा
ट्राईसिटी में भारत और पाकिस्तान के मैच में करोड़ों रुपये का ऑनलाइन सट्टा खेला गया। क्रिकेट सट्टेबाजी सिर्फ फोन कॉल्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एप्स के जरिए जमकर संचालित हो रही है। यह सट्टा दुबई से ऑपरेट हो रहा है। ट्राईसिटी में लोगों ने करोड़ों रुपये का ऑनलाइन सट्टा खेला गया। क्लबों और होटलों में भी खूब सट्टेबाजी हुई। शुरुआत में भारत 43 पैसे फेवरेट थी। भारत के जीतने पर एक लाख के 43 हजार रुपये मिलने थे। लोगों ने भारत की जीत पर लाखों के दावं लगाए। जबकि पुलिस सट्टेबाजारों को पकड़ने में बेबस है। लोग हर बॉल पर सट्टा लगा रहे थे। भाव हर बॉल, ऑवर में बदल रहा था। पहली इनिंग में भारत 50 पैसे तक फेवरेट रही। दुबई से हो रहा ऑपरेट, गुर्गे चला रहे कारोबार ऑनलाइन सट्टे का कारोबार दुबई से ऑपरेट हो रहा है। लोगों को जो ऑनलाइन बैंक खाते पेमेंट डालने के लिए दिए जाते हैं वह एप पर बदल दिए जाते हैं। जिसके लिए बुकी रोजाना नए लोगों को ढूंढते हैं और उनके खातों में पैसें डलवाते हैं। खेलने वाले को एडवांस पैसे आईडी में डालने होते हैं। यह पेमेंट गूगल पे, फोन पे, या फिर सीधा बैंक खातें में डाली जाती है। जितने पैसे आईडी में डालते हैं उतने कयॉइंस उनकी आईडी में आ जाते हैं। कयॉइंस को एक रुपये के हिसाब से गिना जाता है। सट्टा खेलने के लिए ऑनलाइन पेंयमेंट कर ऑनलाइन आईडी मिलती है। आईडी लेने के लिए कम से एप डाउनलोड कर कम से कम 100 कयाइंस एड करने होते हैं। लोग इसमें लाखों रुपये एड करते हैं। यह पेयमेंट ऑनलाइन ट्रांसफर की जाती है। सूत्रों ने बताया कि बुकी इतने इमानदार होते हैं कि अगर कोई व्यक्ति 20 लाख भी जीत जाए तो उसे 5 मिनट में पैसे मिलते हैं। इसके लिए विदड्रॉ करने के लिए बैंक खाता देना होता है। पंचकूला बन चुका है गढ़ सूत्रों ने बताया कि पंचकूला में जुए का गढ़ बन चुका है। गुजरात हरियाणा के बाद स्टोरियों ने पंचकूला को अपना अड्डा बनाया है। जहां से सट्टेबाज बैठकर जुए का अवैध कारोबार करते हैं। वहीं जब ऑनलाइ आईडी की सच्चाई जानने के लिए संवादाता ने अलग अलग एप पर आईडी बनाई। इसका लिंक किस आसानी से मिल गया। जिसपर खुद ही पेमेंट डालने और निकलवाने की ऑप्शन थी। ऑनलाइन खेलने के लिए आईडी बनानी जरूरी आईडी में सिर्फ क्रिकेट ही नहीं ब्लकि कैसीनो, तीन पत्नी, एवीएटर जैसी सैकड़ों गेम हैं। जिसपर लोग 24 घंटे जुआ खेलते हैं और 99 प्रतिशत हारते हैं। देश में कई लोग सट्टेंबाजी में हारने के बाद आत्महत्या भी कर चुके हैं। सोशल मीडिया पर हो रही एप की प्रमोशन सूत्रों ने बताया कि सट्टा खिलाने वालों के पीछे बड़े नामी लोगों के चेहरे छिपे हैं। जो सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटिस से एप की प्रमोशन करवाने हैं। प्रमोशन के हजारों लाखों रुपये देते हैं। लोग सोशल मीडिया के जरिए ऑनलाइन गेमिंग के झांसे में आ रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि हर सेक्टर, कॉलोनी और शहर में ऑनलाइन सट्टा खेला जाता है। पुलिस को अगर ऑनलाइन सट्टा बंद करवाना है तो पुलिस को इन एप को ही बंद करवाना होगा। जुआ खेलने की दर्जनों एप बन चुकी हैं। सरकार को इसपर कदम उठाने की जरूरत है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 24, 2025, 11:25 IST
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