नवजात की मौत का मामला: बदायूं में सीएचसी प्रभारी चला रहे थे अवैध अस्पताल, बहन कर रही थी संचालन, रिपोर्ट दर्ज

बदायूं के कादरचौक में जिस निजी अस्पताल में महिला के सीने पर बैठकर प्रसव कराया गया, जिससे उसके बच्चे की मौत हो गई थी। वह अस्पताल सीएचसी प्रभारी का निकला। इस अस्पताल का संचालन सीएचसी प्रभारी की बहन कर रही थी। इससे यह साफ है कि जिले के स्वास्थ्य महकमे में किस तरह से खेल चल रहा है। जानकारी के बाद भी विभागीय जिम्मेदार आंख मूंदे हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सीएचसी प्रभारी, उसकी बहन समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है। आरोप है कि अवैध रूप से संचालित इस अस्पताल में गलत तरीके से प्रसव कराने के दौरान नवजात की मौत हो गई थी। यह घटना 26 अप्रैल को सामने आई, जब कादरचौक थाना के गांव लल्सी नगला निवासी छोटेलाल की पत्नी कृष्णावती को प्रसव पीड़ा होने पर सुबह करीब सात बजे 108 एम्बुलेंस से सीएचसी कादरचौक लाया गया था। छोटेलाल का आरोप है कि सीएचसी पर मौजूद स्टाफ ने परिजनों को बिना स्पष्ट जानकारी दिए कृष्णावती को एक निजी राधिका अस्पताल भेज दिया। परिजनों को आश्वासन दिया गया कि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहेंगे और बताया गया कि यह अस्पताल चिकित्साधिकारी प्रभारी अवधेश राठौर का है, जिसका संचालन उनकी बहन मोनिका राठौर करती हैं। तहरीर के अनुसार, निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला ने कथित तौर पर प्रसूता के पेट पर बैठकर दबाव डाला। इस गंभीर लापरवाही के कारण गर्भ में पल रहे नवजात की मौत हो गई। यह आरोप चिकित्सा मानकों का घोर उल्लंघन है और पूरे मामले को अत्यधिक संवेदनशील बना देता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 27, 2026, 12:52 IST
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