Bareilly News: शहरवालों को चूना लगाती रहीं चिट फंड कंपनियां, अब भटक रहे निवेशक
एक भी गिरोह के खिलाफ नहीं हो सकी पुख्ता कार्रवाई, कुछ आरोपी जमानत पर आए बाहर तो कुछ अब भी वांछितबरेली। शहर में कई चिट फंड कंपनियों ने दफ्तर खोलकर लोगों को बड़े पैमाने पर चूना लगाया। शहरवासियों को सपने दिखाकर करोड़ों-अरबों रुपये की ठगी कर ली। इनके संचालकों, निदेशकों पर कई रिपोर्ट दर्ज की गईं, लेकिन आजतक किसी भी चिट फंड कंपनी के मालिक के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। नतीजा, निवेशक आज भी रकम पाने के लिए चप्पलें घिस रहे हैं। कई लोगों ने ठगी हुई रकम भुलाकर नई जिंदगी की शुरुआत कर दी। ---श्रीगंगा इंफ्रासिटी ने 300 करोड़ रुपये का लगाया था चूनाश्रीगंगा इन्फ्रासिटी का दफ्तर ग्रीन पार्क में खोला गया था। लोगों को रियल स्टेट कारोबार में निवेश और कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगा गया। कंपनी ने डेढ़ साल में रकम दोगुनी करने और निवेश पर ब्याज देने का झांसा दिया। कंपनी के निदेशक राजेश मौर्य ने नामचीन व्यापारियों, सफेदपोशों और राजनीतिक हस्तियों से निवेश कराया। कंपनी के खातों से रुपये निकालकर संपत्ति बना ली। निवेशकों ने जब रुपये वापस मांगे तो राजेश और उसके गुर्गों ने बहाने बना दिए। बारादरी थाने में धड़ाधड़ कई मामले दर्ज हुए। राजेश के पिता, चचेरे भाई, भाभी तक को जेल भेजा गया। राजेश को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कंपनी की संपत्ति जब्त और खाते सीज करने के दावे हुए, लेकिन निवेशकों का रुपया नहीं मिल सका। कई निवेशक आज भी रकम पाने का इंतजार कर रहे हैं। ---आईसीएल कंपनी के गोला बंधुओं पर भी नहीं कसा शिकंजाआईसीएल नाम की कंपनी ने भी बड़ी संख्या में शहरवासियों को चूना लगाया था। करोड़ों रुपये ठगने के बाद कंपनी ने निवेशकों से किनारा कर लिया था। कंपनी ने दूसरे जिलों और राज्यों में भी ठगी की थी। निवेशकों ने आरके गोला और उसके गुर्गे जितेंद्र गुप्ता को पीटकर प्रेमनगर पुलिस के हवाले किया था। कई बड़ी हस्तियों ने दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने दोनों को जेल भिजवा दिया था। प्रेमनगर पुलिस आज तक आरके गोला के भाई एके गोला तक नहीं पहुंच सकी। नतीजा यह रहा कि रूपकिशोर गोला जेल से बाहर आ गया। वर्ष 2024 में रूपकिशोर गोला, जितेंद्र गुप्ता और दिनेश पर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई। पुलिस ने अवैध संपत्ति जब्त करने की बात कही, लेकिन संपत्ति जब्त नहीं की जा सकी। निवेशक आज भी रकम पाने के लिए भटक रहे हैं। अमर ज्योति कंपनी ने भी करोड़ों ठगे, इनामी भाइयों की नहीं हो सकी गिरफ्तारीशहर के कटरा चांद खां निवासी अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी के निदेशक सूर्यकांत मौर्य व उसके भाई शशिकांत मौर्य ने बदायूं और बरेली में करोड़ों रुपये की निवेश कराने के नाम पर ठगी की। बदायूं में दोनों भाइयों और उनके गुर्गों पर कई मामले दर्ज हुए। दोनों पर डीआईजी ने पचास-पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया। एसआईटी भी गठित की गई, लेकिन दोनों भाइयों और उनके गुर्गों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। मामला खुलने से पहले तक सूर्यकांत मौर्य भाजपा की महानगर इकाई का मंत्री था। सूत्रों के मुताबिक, दोनों भाई सफेदपोशों की शरण में पहुंच गए हैं, इसलिए पुलिस कार्रवाई ठिठक गई है। दोनों भाइयों की संपत्ति भी एसआईटी चिह्नित नहीं कर सकी है। ---गुलाटी गैंग पर हो रही सिर्फ रिपोर्टकैनविज कंपनी के निदेशक कन्हैया गुलाटी ने अपने परिवार और गुर्गों संग मिलकर शहर और आसपास के राज्यों व जिलों में लोगों को जमकर ठगा। कंपनी में उसने करोड़ों रुपये निवेश करवाकर हड़प लिए और उससे संपत्ति बना ली। जब रुपये लौटाने का समय आया तो गुलाटी भाग गया। गुलाटी गैंग पर करीब 40 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं। कार्रवाई के लिए एसआईटी भी गठित की गई, लेकिन गिरोह का एक भी सदस्य पुलिस के हाथ नहीं लगा है। कई मुकदमे जमानती धाराओं में दर्ज हैं तो ठग पूरी मौज ले रहे हैं। निवेशकों की रकम कैसे वापस कराई जाएगी, इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है। निवेशकों की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कराई जा रही है, लेकिन उनकी रकम मिलने की उम्मीद कम ही है। ब्यूरो--कन्हैया गुलाटी प्रकरण को लेकर एसएसपी व एसआईटी के नोडल अधिकारी के साथ समीक्षा बैठक की गई। तय किया गया कि जनता की गाढ़ी कमाई ठगने वाले कन्हैया गुलाटी की हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। उसकी गिरफ्तारी व अन्य प्रक्रिया तेजी से चलेगी। - अजय साहनी, डीआईजी बरेली रेंज
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 18, 2026, 03:02 IST
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