PM Modi Red Fort Speech: अभिजीत दीपके ने अब कौन सी ऑनलाइन मुहिम छेड़ी, पीएम के 13वें भाषण में क्या खास होगा?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को एक ऑनलाइन याचिका शुरू की। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में देश के युवाओं से शिक्षा, बेरोजगारी और बढ़ती जीवन-यापन लागत जैसे मुद्दों पर बात करने की अपील की गई है। अभिजीत दीपके ने एक्स पर याचिका साझा करते हुए कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री को देश के युवाओं को संबोधित करना चाहिए। उन्होंने लोगों से याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से यह बताने का अनुरोध किया जा रहा है कि सरकार युवाओं के लिए शिक्षा, बेरोजगारी और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को लेकर क्या कदम उठा रही है। सीजेपी अब NEET के मुद्दे से आगे बढ़ा रही है अपनी मुहिम सीजेपी ने अब अपने अभियान को नीट के मुद्दे से आगे बढ़ाने की कोशिश की है। छत्रपति संभाजीनगर में 5-6 अगस्त को हुई राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में संगठन ने 'क्या बोलती पब्लिक' राष्ट्रीय लिसनिंग टूर और शिक्षा सुधार अभियान की घोषणा की। यह अभियान 1 सितंबर से शुरू किया जाना है। इस अभियान के तहत सीजेपी के नेता देशभर में यात्रा करेंगे और युवाओं से बातचीत कर उनकी राय जुटाएंगे। संगठन का कहना है कि इन विचारों के आधार पर नागरिकों की भागीदारी से यूथ रिफॉर्म चार्टर तैयार किया जाएगा। किन चार मुद्दों पर केंद्रित होगा यूथ रिफॉर्म चार्टर प्रस्तावित चार्टर में चार प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इनमें व्यापक शिक्षा सुधार, शिक्षा को रोजगार से जोड़ना, संस्थागत जवाबदेही और राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों, नागरिक समाज समूहों तथा सामाजिक आंदोलनों के साथ एकजुटता और गठजोड़ शामिल हैं।सीजेपी ने देशभर में सदस्यता अभियान शुरू करने की भी घोषणा की है। संगठन ने छात्रों, युवा पेशेवरों और कामगारों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया है। संगठन ने कहा है कि उसका इरादा चुनाव लड़ने के बजाय एक स्वतंत्र सार्वजनिक दबाव समूह के रूप में काम करने का है। NEET को लेकर 36 दिन चला था सीजेपीका आंदोलन सीजेपी हाल ही में दिल्ली में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर 36 दिनों तक चले आंदोलन के केंद्र में रही थी। जंतर-मंतर से शुरू हुए इस आंदोलन में देशभर से छात्र और समर्थक शामिल हुए थे। यह आंदोलन 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ समाप्त हुआ। सीजेपी ने सरकार द्वारा अपनी प्रमुख मांगों पर सहमति जताने के बाद प्रदर्शन वापस ले लिया था। इनमें उसके पांच सूत्री परीक्षा सुधार चार्टर पर विचार करने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करने का आश्वासन शामिल था। सोशल मीडिया अभियान के रूप में शुरू हुआ यह आंदोलन बाद में देशव्यापी आंदोलन में बदल गया। इसमें दीपके इसके संस्थापक और प्रमुख चेहरों में से एक के रूप में सामने आए।लंबे समय तक चले जंतर-मंतर प्रदर्शन में कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए थे। उन्होंने आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल की थी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 08, 2026, 02:30 IST
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