दावा: बीएचयू में दुनिया के पहले आयुर्वेदिक पर्सनलाइज्ड मेडिसिन का क्लीनिकल ट्रायल, बनाई गई औषधि; जानें खास
भूलने की बीमारी डिमेंशिया की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बीएचयू में दुनिया के पहले आयुर्वेदिक पर्सनलाइज्ड मेडिसिन का क्लीनिकल ट्रायल किया गया है। 60 साल के एक मरीज को उसके शरीर की जरूरत और रिएक्शन के अनुसार दवा दी गई। उसकी क्षमता को समझकर औषधियों का डोज दिया गया। 14 महीने में उसको प्रयोग में रखते हुए दो-दो महीने के अंतराल पर दवा दी गई। दवा और बिना दवा वाले महीने में मरीज के व्यवहार और मानसिक स्थिति के अंतर को जांचा गया। मरीज की याद्दाश्त, मानसिक क्षमताएं और दैनिक कार्य करने की शक्ति बढ़ी और डिप्रेशन कम पाया गया । इस ट्रायल का नाम एन-ऑफ-वन दिया गया। बीएचयू में क्रिया शरीर विभाग के प्रो. किशोर पटवर्धन के साथ जीरियाट्रिक मेडिसिन विभाग के प्रो. शंख शुभ्र चक्रवर्ती ने 2024-2025 के बीच शोध किया है। इसका प्रकाशन 23 जून 2026 को इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एथ्नोफार्माकोलॉजी में हुआ है। शोध में स्वाति शर्मा और विज्ञान संस्थान के सांख्यिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अरुण कौशिक का योगदान रहा है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 27, 2026, 00:17 IST
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