कफ सिरप मामला: कंपनी की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों पर लिया था लाइसेंस, एसटीएफ की विवेचना; चार्जशीट से खुलासा
कोडीनयुक्त कफ सिरप सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल ने एबॉट कंपनी की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिरप सप्लाई का लाइसेंस हासिल किया था। एसटीएफ की विवेचना में यह तथ्य सामने आया है। चार्जशीट से खुलासा हुआ है। इसी तरह के कई और तथ्य एसटीएफ के सामने आए हैं। डिस्ट्रीब्यूटरों की चेन का भी खुलासा हो रहा है, जिन लोगों ने करोड़ों की सिरप की तस्करी की। एसटीएफ शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव व दो साथी अमित जायसवाल और विकास सिंह नर्वे के खिलाफ चार्जशीट कर चुकी है। कई सौ करोड़ रुपये की सिरप तस्करी करने की पुष्टि हुई है। वहीं एसटीएफ की विवेचना में सामने आया कि शुभम को सबसे पहले छत्तीसगढ़ में सिरप सप्लाई करने का लाइसेंस मिला था। इसी लाइसेंस के आधार पर उसने उत्तर प्रदेश और बिहार में भी करोड़ों रुपये की सिरप सप्लाई की। जबकि लाइसेंस सिर्फ छत्तीसगढ़ के लिए ही अधिकृत था। जब जांच हुई तो पता चला कि लाइसेंस भी फर्जी दस्तावेजों पर लिया गया था। इसमें एबॉट कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत रही। इस खेल के बाद शुभम ने अन्य राज्यों के लिए लाइसेंस लिया और फिर उसने यूपी, बिहार से लेकर नेपाल और बांग्लादेश तक सिरप सप्लाई की। इसलिए अब इसमें कंपनी पर शिकंजा कस सकता है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 12, 2026, 10:14 IST
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