मेरठ: दबथुवा में चकबंदी के खिलाफ किसानों का धरना, रागिनी के जरिए उठाई आवाज; 28 नवंबर तक का अल्टीमेटम

मेरठ में सरधना थानाक्षेत्र केदबथुवा गांव में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी, मेरठ ने 12 अक्तूबर 2026 को चकबंदी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को एक आख्या रिपोर्ट भेजी थी। इसमें गांव के कुल 562 खातों के सापेक्ष 437 व्यक्तियों के हस्ताक्षर और छायाप्रतियां चकबंदी कराने की सहमति के रूप में संलग्न किए जाने का उल्लेख है। ग्रामीणों का आरोप है कि रिपोर्ट में वास्तविक सहखातेदारों की संख्या को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया गया। उनका दावा है कि आधार वर्ष की खतौनी के अनुसार गांव में 562 खातों के सापेक्ष सहखातेदारों और कृषकों की संख्या करीब 3,800 है। ऐसे में 437 व्यक्तियों के हस्ताक्षर को पूरे गांव की सहमति के तौर पर पेश करना भ्रामक है। किसानों ने इस मामले में अधिकारियों से रिपोर्ट की जांच कराने और उचित कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम के नहीं पहुंचने पर जताया रोष बुधवार को ग्रामीणों ने सरधना तहसील परिसर में धरना दिया। किसानों ने उपजिलाधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि चकबंदी प्रक्रिया और रिपोर्ट से जुड़े सवालों पर प्रशासन को किसानों का पक्ष सुनना चाहिए और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। धरने में किसानों ने मांग की कि 12 अक्तूबर को भेजी गई आख्या रिपोर्ट का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि कृषकों के हितों की रक्षा हो सके। यह भी पढ़ें:मेरठ-सहारनपुर MLC चुनाव: दोनों सीटों पर फिर भाजपा का कब्जा, 2027 के लिए सियासी बढ़त का संकेत

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 28, 2026, 15:10 IST
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