Rohtak News: पदक लाईं...दिलों पर छाईं बेटियां

रोहित डागररोहतक। गांव पिलाना की बेटी सविता ने एक नई कहानी लिख डाली। यह कहानी है मिट्टी से उठे एक सपने की, जो न केवल उसके अपने लिए बल्कि पूरे गांव और जिले के मान-सम्मान के लिए था। जब भी कोई गांव का बच्चा बड़ा सपना देखता है तो उसकी नजर अपने बड़ों पर जाती है। सविता की नजर भी अपने दादा मुक्तार सिंह दलाल और पिता सुनील पर गई जो खुद कभी अखाड़े के चैंपियन हुआ करते थे। 2017 में जब सविता ने पहलवानी शुरू की तो यह सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक विरासत को आगे बढ़ाने का फैसला था। सविता ने बताया कि दादा और पिता का सपना है कि वह ओलंपिक में पदक जीतकर लाए। यह सपना सिर्फ उनका नहीं था बल्कि सविता की आंखों में भी पलने लगा था। सविता बोली, जिले के छोटूराम स्टेडियम में कोच मनदीप के पास अभ्यास करती हूं। मां कृष्णा गृहिणी और चार भाई-बहन है। उपलब्धियां : 2018 में अंडर-14 स्कूली नेशनल में 44 किग्रा भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता। 2019 में स्कूली नेशनल 50 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता। 2020 में स्कूली नेशनल में 54 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता। 2022 में अंडर-17 एशियन व वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। 2023 में वर्ल्ड चैंपियनशिप व एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। 2023 में अंडर-20 में वर्ल्ड व एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। 2024 में सीनियर नेशनल में स्वर्ण पदक जीता। इसी माह नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। संवाद------------एनसीसी में सीखा टारगेट बांधना, अब शूटिंग में धृति चैंपियनधृति ने बताया कि 2021 में शूटिंग खेलना शुरू किया था। स्कूल में मेरे पास एनसीसी थी। एक बार एनसीसी के शूटिंग के गेम्स हुए। पिता ने बताया था कि पिस्टल कैसे चलाते हैं। मैंने उस गेम्स में बिना किसी तैयारी के पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं से मुझे प्रेरणा मिली व शूटिंग में खेलना शुरू किया फिर पिता ने 2021 में ही जिले की अभिनंदन शूटिंग अकादमी में छोड़ दिया तभी से मैं कोच संदीप नेहरा के पास अभ्यास कर रही हूं। पिता जयपाल सूबेदार के पद से रिटायर हैं। मां राजबाला गृहिणी व तीन भाई-बहन हैं। ओमैक्स सिटी में रहती हूं लेकिन मूलरूप से हिसार की निवासी हूं। उपलब्धियां : 2022 में प्री नेशनल प्रतियोगिता में जूनियर व सीनियर में स्वर्ण पदक जीता। 2022, 2023, 2024 में इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। दो बार ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में भाग लिया है। -------------------------राज्य जिम्नास्टिक स्पर्धा में प्रतिनिधित्व करेगी नन्ही धानीजिले की नन्ही सी बेटी धानी जिमनास्टिक में जिले व प्रदेश का नाम रोशन कर रही है। धानी ने 2019 में मात्र साढ़े चार साल की उम्र में जिम्नास्टिक खेलना शुरू किया। धानी की मां कृतिका ने बताया कि मुझे शुरू से ही स्पोर्ट्स पसंद था। मैं स्काउटिंग खेलती थी। मैंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। पिता अमित कुमार है। जिले की हनुमान कॉलोनी की निवासी हूं। 2020 इंटर सेंटर प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। सितंबर में ओपन नेशनल प्रतियोगिता में भाग लेगी। 16 सितंबर से शुरू होने वाली स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगी। अक्तूबर में होने वाली स्टेट प्रतियोगिता में भाग लेगी। धृति, खिलाड़ी- फोटो : पुरानी सब्जी मंडी के सामने फुटपाथ पर चढ़ा कैंटर व जांच करते पुरानी सब्जी मंडी थाना प्रभारी सुशील कुमार। संवाद धृति, खिलाड़ी- फोटो : पुरानी सब्जी मंडी के सामने फुटपाथ पर चढ़ा कैंटर व जांच करते पुरानी सब्जी मंडी थाना प्रभारी सुशील कुमार। संवाद

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 29, 2025, 06:07 IST
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