Nainital: कुमाऊं मंडल के सबसे बड़े अस्पताल में इमरजेंसी ट्रेनीज के हवाले, वार्ड में अक्सर नहीं दिखते सीएमओ

कुमाऊं मंडल के सबसे बड़े अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड ट्रेनीज के हवाले रहता है। अक्सर दुर्घटनाओं के मामले यहां आते हैं। इसके अलावा गंभीर रोगी भी यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं, इसके बावजूद जूनियर डॉक्टर ही यहां का सारा काम कर रहे हैं। कुछ पूछताछ करनी हो तो भी जूनियर डॉक्टर सीनियर डॉक्टरों से फोन पर जानकारी ले लेते हैं। बात हो रही है सुशीला तिवारी अस्पताल की। दो हजार से अधिक ओपीडी वाले अस्पताल की इमरजेंसी में अक्सर सुबह से शाम तक ट्रेनीज डॉक्टर ही दिखाई देते हैं। हर दिन यहां दुर्घटनाओं के मामले आते रहते हैं। मरीजों का आरोप है कि तीन सीएमओ होने के बावजूद यहां उनमें से कोई नहीं दिखाई देता है, न सीनियर डॉक्टर ही मौजूद रहते हैं। सर्जन, न्यूरो सर्जन आदि का भी इमरजेंसी में आकर मरीजों का देखना जरूरी होता है। इमरजेंसी में व्यवस्थाएं सही चल रही हैं या नहीं, सीनियर डॉक्टर या सीएमओ हैं या नहीं, यह देखना मेडिकल सुपरिटेंडेंट की बड़ी जिम्मेदारी है। यह जिम्मेदारी तभी निभाई जाती है, जब कोई बड़ा मामला हो जाए। तीन शिफ्ट, तीन अलग-अलग सीएमओ मेडिकल कॉलेज के अधिन इस अस्पताल में सीएमओ के बैठने के अलग-अलग समय हैं। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे, दोपहर दो से शाम आठ और शाम आठ से अगले दिन सुबह आठ बजे तक। मगर मरीज किसी भी वक्त जाए, उपचार ट्रेनीज ही करते मिलेंगे। इस संबंध में शिकायतें बहुत बार आ चुकी हैं। समस्या के समाधान के लिए मेडिकल सुपरिटेंडेंट को कहा गया है।- डॉ. आरजी नौटियाल, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 26, 2025, 02:20 IST
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