China Espionage Case: जासूसी में फ्रांस ने बंद किए चीन के नौ गुप्त केंद्र, दो लोग निष्कासित
फ्रांस ने देश में संचालित चीन के नौ गुप्त केंद्रों को बंद कर दिया है। फ्रांसीसी अधिकारियों का आरोप है कि ये केंद्र सांस्कृतिक, सामुदायिक और व्यावसायिक संगठनों की आड़ में काम कर रहे थे और चीन सरकार के आलोचकों तथा प्रवासी चीनी नागरिकों पर नजर रखने का काम करते थे। मामले में तीन लोगों की पहचान की गई है, जिन पर इस नेटवर्क को संचालित करने का आरोप है। इनमें से दो को फ्रांस से निष्कासित कर दिया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस की खुफिया एजेंसियों ने जांच के बाद इन केंद्रों का पता लगाया। इनमें से अधिकांश पेरिस और उसके आसपास के इलाकों में संचालित हो रहे थे। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये केंद्र चीन की सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था के अनौपचारिक विस्तार के रूप में काम कर रहे थे। जांच तब तेज हुई जब वर्ष 2024 में चीन के एक असंतुष्ट नागरिक लिंग हुआझान को जबरन चीन भेजने की कोशिश की गई। फ्रांसीसी पुलिस ने इस प्रयास को विफल कर दिया था। फ्रांस की कार्रवाई से दुनिया को मजबूत संदेश फ्रांस की इस कार्रवाई को यूरोप में विदेशी हस्तक्षेप और जासूसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है इससे दुनिया को मजबूत संदेश गया है। इन गुप्त केंद्रों का उपयोग चीन के असंतुष्टों और प्रवासियों की निगरानी करने और उन्हें वापस चीन लौटने के लिए डराने-धमकाने के लिए किया जाता था। चीन ने आरोपों को किया खारिज चीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसे सेवा केंद्र विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों को दस्तावेजों के नवीनीकरण और अन्य प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए हैं। हालांकि मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि दुनिया के कई देशों में ऐसे केंद्रों का इस्तेमाल निगरानी, दबाव बनाने और चीन के आलोचकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाता है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 21, 2026, 03:15 IST
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