Gen-Z Connect: मैदान-ए-जंग में कम आयु के युवाओं को उतारने की कवायद, खास वर्ग से जुड़ने व इन्हें साधने की मुहिम
जेन-जी के असर को भांपते हुए राजनीतिक दल न केवल प्रचार अभियान में बल्कि चुनावी जंग में युवा शक्ति पर ज्यादा फोकस करने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में इसका खास असर देखने को मिलेगा। इस बार ज्यादा से ज्यादा अपेक्षाकृत कम उम्र के युवाओं को मैदान में उतारने की रणनीति पर काम हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बसपा व अन्य दलों ने पहले से ही जेन-जी आंदोलन के व्यापक असर की अहमियत समझते हुए उन्हें लुभाना शुरू कर दिया है। इस वर्ग के युवाओं से जुड़े मुद्दे उनके बीच उठाने का काम शुरू हो गया है। पार्टियां मान रही हैं कि अगर जातीय समीकरणों में फिट बैठने के साथ-साथ अगर दावेदार नई पीढ़ी का है तो वह 18 से 30 साल के आस पास के बीच लोगों से आसानी से जुड़ सकता है और जीत की संभावना बढ़ सकती है। इसमें संभव है कि किसी बड़े नेता के नाते रिश्तेदारों के घरों से ही जेन-जी प्रत्याशी तलाशे जाएं। एनडीए गठबंधन व सपा कांग्रेस गठबंधन में टिकट वितरण काम नहीं हुआ है, लेकिन इनके द्वारा आंतरिक व निजी एजेंसियों से सर्वे जरूर कराया गया है। इसमें बड़ी संख्या में मौजूदा विधायकों के टिकट कटाने की बात कही गई है। भाजपा भी नए सिरे से काम कर रही टिकट तय करने में अब अचानक जेन-जी भी फोकस करने का असर टिकट वितरण में साफ दिखेगा। सूत्रों के मुताबिक भाजपा युवाओं को अपने साथ बनाए रखने के लिए नए सिरे से काम कर रही है। उनके बीच पार्टी की बात पहुंचाने का काम युवा ही करेंगे जो जेन-जी की आकांक्षाओं को समझते हुए पार्टी के मुद्दों को उन तक पहुंचा सकें। सपा का कहना-सबसे ज्यादा युवओं को टिकट : सपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसा जरूरी नहीं है कि 25 से 29 -30 साल वालों को ही मैदान में उतारने सीट पर जीत तय हो जाएगी। पहले तो पीडीए की बिसात पर दावेदार को खरा उतरना होगा। हां यह जरूर है कि जेन जी के असर व उसकी ताकत को कम समझने की भूल कोई दल नहीं करेगा। हमारी पार्टी तो सबसे ज्यादा युवाओं को टिकट देती हैं। इसमें युवा महिलाएं भी शामिल हैं। यूपी में 30 से कम उम्र के पांच विधायक यूपी विधानसभा की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी चालीस साल से कम उम्र वाले 51 विधायक, 35 साल से कम्र उम्र वाले 26 विधायक व 30 से कम उम्र के पांच विधायक हैं। 46 से 55 साल की उम्र के बीच के विधायकों की संख्या 134 है। जबकि मौजूदा लोकसभा में दो जेन-जी वर्ग से आने दो सांसद यूपी से हैं। इनमें एक पुष्पेंद्र सरोज, व दूसरी प्रिया सरोज हैं। यह दोनों सपा से सांसद हैं। इनकी उम्र 25 से 28 साल के बीच की है। यूपी में जेन-जी के 2022 के विधानसभा चुनाव में 25-30 उम्र के 399 प्रत्याशी उतरे थे। 14 से 29 साल के लोगों की तादाद 72 मिलियन एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 25-30 साल के 399 प्रत्याशी मैदान में थे। 31-40 आयु वर्ग के 1183 प्रत्याशी थे। जबकि 41-50 साल की आयुवर्ग के 1346 प्रत्याशी थे। 81 साल से 100 साल के बीच के चार प्रत्याशी थे। यूपी में इस समय 14 से 29 साल के लोगों की तादाद 72 मिलियन है। इसमें में 34% लोग मतदान करने योग्य हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 13, 2026, 02:11 IST
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