Noida News: बारिश की हर बूंद धरा की प्यास बुझाएगी, बंगलूरू की तर्ज पर बनेंगे 300 जल-रिसाव गड्ढे

-नोएडा जैसे इलाके में तेजी से घट रहा है भूजल -कई जल संचयन प्रणाली खराब, अब सुधारने की तैयारी माई सिटी रिपोर्टर नोएडा। लगातार भूजल दोहन से शहर की जमीन अब प्यास से दरकने लगी है। हर साल भूजल का स्तर और नीचे खिसक रहा है, जबकि बारिश का करोड़ों लीटर पानी नालों में बहकर बेकार जा रहा है। सेक्टरों में वर्षों पहले बनाई गई भूजल संचयन प्रणालियां भी अब दम तोड़ चुकी हैं। ऐसे में जल संकट से जूझते शहर को राहत देने के लिए प्राधिकरण ने बंगलूरू मॉडल अपनाने का फैसला किया है। इसके तहत शहर में 300 नए जल-रिसाव गड्ढे बनाए जाएंगे, जो बारिश के पानी को सीधे जमीन में उतारकर सूखते भूजल को नई सांस देंगे।नोएडा प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-15ए में बंगलूरू की तर्ज पर पहले ट्रायल करके देखा गया। जहां पर जल रिसाव गड्ढे बनाए गए। इन गड्ढों के जरिए दो साल तक स्थिति देखी गई, जिसका असर देखने को मिला। सफलता मिलने के बाद अब इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो अलग अलग सेक्टरों तक पहुंचेगी। मानसून के पानी को सीधा जमीन तक पहुंचाने में सहायक होगी। दरअसल, इसके पहले न्यायालय में चल रहे एक मामले के चलते नोएडा की जल संचयन प्रणाली थम सी गई थी। इसके चलते न तो वह रिपेयर किए जा रहे हैं और न ही उन पर कोई ध्यान दिया जा रहा है। इसके चलते उनकी स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। प्राधिकरण के उद्यान विभाग ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक फर्में 20 मई तक आवेदन कर सकेंगी, जबकि 21 मई को टेंडर खोले जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती चरण में 50 पिट्स तैयार करने का कार्य शुरू करा दिया गया है। प्रति प्रणाली से होगा 4 हजार लीटर से ज्यादा जल संचयन : अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक प्रणाली से लगभग 4,270 लीटर वर्षा जल संग्रहित करने की क्षमता रखेगा। इससे खासकर मानसून के समय जल संचयन करने में सबसे ज्यादा राहत मिलेगी। साथ ही सेक्टरों का भूजल स्तर भी सुधरेगा। पार्कों में व पेड़ों की जड़ों तक नमी लंबे समय तक बरकरार रहेगी। जल संचयन प्रणाली लंबे समय से खराब पड़ी है। कई पार्कों में वह लंबे समय से क्षतिग्रस्त है, जिन्हें रिपेयर नहीं किया गया, यदि कोई दूसरा उपाय होगा, तभी भूजल स्तर सुधरेगा। -अनुज यादव, आरडबल्यूए उपाध्यक्ष, सेक्टर 122 हमारे यहां लंबे समय से अंडर ग्राउंड वाटर टैंक की सफाई नहीं हुई है, न ही वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सही से काम कर रहे हैं, भूजल स्तर सुधारने के लिए जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए। -सतनरायाण गोयल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर 55 जिले में बंगलुरू की तर्ज पर जल संचयन प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि भूजल स्तर में बेहतर सुधार हो, जमीन की नमी बनी रहे, ताकि पेड़ पौधों भी हरे भरे बने रहें, इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। -आनंद मोहन, निदेशक, उद्यान विभाग, नोएडा प्राधिकरण

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 14, 2026, 21:02 IST
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