एक्सप्लेनर: अंतरिक्ष तक क्यों पहुंची डेटा सेंटर लगाने की रेस; मस्क का कौन सा सपना, गूगल ने बना लिया अपना

पृथ्वी पर इस वक्त डेटा सेंटर के फायदों और नुकसानों को लेकर बहस चल रही है। जहां एक वर्ग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास के लिए इसके डेटा को अहम मानकर इसे इकट्ठा करने के लिए लगातार जमीन और संसाधन मुहैया करा रहा है तो वहीं दूसरा वर्ग डेटा सेंटर के चलते होने वाले प्राकृतिक संसाधनों के दोहन, खासकर पानी के बेतहाशा इस्तेमाल को लेकर चिंता जता रहा है। डेटा सेंटर्स को लेकर जारी इस बहस के बीच अब एक कंपनी डेटा सेंटर को अंतरिक्ष में पहुंचाने की तैयारी कर रही है, ताकि इन्हें अक्षय ऊर्जा के जरिए असीमित संचालन के लिए तैयार रखा जा सके। यह योजना इसी हफ्ते जमीन पर भी उतरने वाली है। दरअसल, यह प्रयोग करने वाली कंपनी अल्फाबेट की गूगल है, जो कि कुछ साल पहले तक बस एक कोरी कल्पना माने जाने वाली अवधारणा को सच करने की ओर कदम बढ़ा चुकी है। करोड़ों डॉलर का यह अनुसंधान कार्यक्रम अगर सफल होता है तो डेटा सेंटर्स को लेकर जो रेस आज पृथ्वी पर हो रही है, वह आने वाले समय में अंतरिक्ष में बढ़ सकती है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 28, 2026, 06:51 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




एक्सप्लेनर: अंतरिक्ष तक क्यों पहुंची डेटा सेंटर लगाने की रेस; मस्क का कौन सा सपना, गूगल ने बना लिया अपना #TechDiary #Technology #World #International #GoogleProjectSuncatcher #GoogleAiDataCenter #AiDataCenterInSpace #AiDataCenter #ElonMusk #JeffBezos #ElonMuskDream #GoogleGemini #SubahSamachar