LIC में हिस्सा बेच सकती है सरकार: निवेशकों की नजरें तनीं, क्या एफपीओ से मिलेगी नई 21,000 करोड़ की राजस्व लहर?
सरकार अगले वित्त वर्ष में अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) के माध्यम से बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी और घटाने पर विचार कर रही है। वर्तमान में, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में सरकार की 96.5 फीसदी हिस्सेदारी है। सरकार ने मई, 2022 में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से 902-949 रुपये प्रति शेयर के मूल्य दायरे में कंपनी में 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी। इस शेयर बिक्री से सरकार को करीब 21,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने सोमवार को कहा, एलआईसी के सार्वजनिक निर्गम को धीरे-धीरे लाना होगा। हमने दीपम से एलआईसी में हिस्सेदारी कम करने की संभावनाओं को देखने के लिए कहा है। ये भी पढ़ें:-US Tariffs News: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर मुहर लगते ही 600 अंक उछला गिफ्ट निफ्टी, जानें इस तेजी का क्या मतलब पीएफसी-आरईसी का हो सकता है विलय सरकारी बिजली क्षेत्र की ऋणदाता पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) और उसकी सहायक कंपनी आरईसी का विलय हो सकता है। इसका प्रस्ताव बजट में रखा गया है। अंतिम निर्णय उच्च स्तर पर होगा। मार्च, 2019 में पीएफसी ने सरकार को 14,500 करोड़ में आरईसी में बहुमत हिस्सा लिया था। ये भी पढ़ें:-Indigo Crisis: इंडिगो को भारी पड़ी दिसंबर की अव्यवस्था, यात्रियों को चुकाना पड़ा 22 करोड़ रुपये से ज्यादा
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 03, 2026, 03:58 IST
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