खुशियां ऐसे भी जिंदगी में दस्तक देती हैं: वफादार साथी ही नहीं, 'थेरेपी' की तरह भी काम करते हैं पालतू जानवर

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ध्रुव काजी को बचपन में कुत्तों का बहुत शौक था। उन्होंने उनसे होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर लिखा भी। लेकिन चालीस की उम्र के बाद ही उन्होंने अपना कुत्ता पाला। दरअसल, 2019 में, वह बेथ इस्राइल डिकनेस मेडिकल सेंटर में कार्डियक क्रिटिकल केयर यूनिट के डायरेक्टर के तौर पर नौकरी करने बोस्टन चले गए। फिर कोविड आ गया। उन्होंने कहा कि अकेले रहते हुए और काम करते हुए महामारी का पहला साल बेहद अकेलेपन में गुजरा। और फिर 2021 में जैसे ही उनका प्यारा कुत्ता रूमी आया, सब कुछ बदल गया। रूमी के साथ के कारण डॉ. काजी ज्यादा समय बाहर बिताने लगे और इस क्रम में न सिर्फ पड़ोसियों को बेहतर तरीके से जाना, बल्कि उनकी जिंदगी में सकारात्मक ऊर्जा और मस्ती-मजाक की जरूरी खुराक भी शामिल हो गई। वह कहते हैं, मेरी मानसिक स्थिरता बनाए रखने में रूमी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। अनुसंधान से पता चलता है कि कुत्ते और अन्य पालतू जानवर आपको ज्यादा सेहतमंद रखते हैं। जिनके पास पालतू जानवर होते हैं, वे उन लोगों की तुलना में शारीरिक रूप से ज्यादा सक्रिय होते हैं, जिनके पास नहीं होते। कुछ अध्ययन बताते हैं कि बिल्ली पालने से रक्तचाप कम रहता है, हृदय रोग का खतरा घटता है और हृदयाघात के बाद मृत्यु दर कम होती है। 2019 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि कुत्ता रखने वालों का 10 साल में किसी भी कारण से मरने का जोखिम 24 प्रतिशत कम था। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने तो एक बयान जारी कर कहा कि कुत्ता पालना दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने का एक सही तरीका हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी में एमेरिटस प्रोफेसर डॉ. एड्रियन बॉमन कहते हैं कि पालतू जानवर रखने के बड़े फायदे हैं, खासकर अकेलेपन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में। हालांकि, स्वीडन की उप्साला यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और पूर्व पशु चिकित्सक, टोव फॉल ने कहा, यह पता लगाना मुश्किल है कि कुत्ते लोगों को ज्यादा सेहतमंद बनाते हैं या फिर सेहतमंद लोगों के पास कुत्ते होने की संभावना ज्यादा होती है। अगर आप बहुत कमजोर हैं और अपना ख्याल ठीक से नहीं रख पाते, तो आपके पपी लाने की संभावना बहुत कम होती है। बेशक, पालतू जानवर कभी-कभी आपकी जिंदगी में तनाव भी बढ़ा देते हैं। उन्हें घर में रहने की ट्रेनिंग देना बहुत परेशान करने वाला हो सकता है, डॉक्टर का खर्च महंगा पड़ सकता है, और उसे खोना दुखद हो सकता है। डॉ. काजी कहते हैं कि कुत्तों को पालने में बहुत मेहनत लगती है, और पैस भी काफी खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन, सबसे जरूरी बात है कि वे जिंदगी में बहुत सारी खुशियां लाते हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 29, 2026, 03:41 IST
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