हारिस बिलाल: दुनिया में डूब जाना मगर घर न छोड़ना

दुनिया में डूब जाना मगर घर न छोड़ना दरिया की सैर कर के समुंदर न छोड़ना अपनी तलाश अकेले नहीं कर सकोगे तुम लेकिन किसी का हाथ पकड़ कर न छोड़ना इस ज़िंदगी की दौड़ के अपने उसूल हैं सारे उमीद-वार बराबर न छोड़ना अपने पराए की न रहेगी कोई तमीज़ बाहर के पहरे-दार को अन्दर न छोड़ना नफ़रत के वास्ते भी वसीला तो चाहिए मेरा ये मशवरा है कि मिम्बर न छोड़ना आख़िर ज़मीन ही ने कहा आसमान से मेरे मु'आमलात को मुझ पर न छोड़ना चीज़ों से मुख़्तलिफ़ है ये लोगों का मसअला बेहतर के वास्ते कभी कमतर न छोड़ना हमारे यूट्यूब चैनल कोSubscribeकरें।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 03, 2026, 11:03 IST
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