भारत पर भी युद्ध की तपिश: वैश्विक आपूर्ति शृंखला होगी प्रभावित; तेल आपूर्ति, सोना-चांदी की कीमत पर पड़ेगा असर

इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा युद्ध भारत के लिए भी बड़ा संकट पैदा कर सकता है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग बंद कर दिया है, लंबे समय तक यही स्थिति रहने पर भारत की करीब 40 से 60 फीसदी तक कच्चे तेल की आपूर्ति पर संकट खड़ा हो सकता है, जो इसी रास्ते से आता है। घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें बढ़ने पर माल ढुलाई महंगी होगी, जिसका सीधा असर आम आदमी की थाली पर पड़ सकता है। आर्थिक गतिविधियां सुस्त पड़ सकती हैं और व्यापार घाटा बढ़ सकता है। शेयर बाजार पर भी असर पड़ सकता है। बाजार में बड़ी बिकवाली और गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशक सुरक्षित विकल्प में सोना और चांदी खरीदना पसंद करते हैं। इनकी कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह भी पढ़ें - West Bengal: बंगाल में SIR विवाद के बीच अमर्त्य सेन को मिली राहत, संशोधित मतदाता सूची में शामिल किया गया नाम डिजिटल खतरा बढ़ा लाल सागर और फारस की खाड़ी में समुद्र के नीचे से गुजरने वाली इंटरनेट केबल भारत को यूरोप और अमेरिका से जोड़ती हैं। युद्ध में इन केबल को नुकसान पहुंचने की आशंका जाहिर की जा रही है। ऐसा हुआ, तो भारत में बैंकिंग, आईटी सेवाओं और संचार पर खतरा मंडरा सकता है। निर्यात पर पड़ेगा प्रभाव भारत के निर्यात का 10% से ज्यादा हिस्सा होर्मुज मार्ग से होता है। इसमें बासमती चावल, चाय, मसाले, ताजे फल, सब्जियां व इंजीनियरिंग सामान हैं।फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा, हवाई मार्गों में बदलाव हो रहे हैं। समुद्री व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई है। समुद्री मार्ग लंबे समय बंद रहता है, तो शिपमेंट केप ऑफ गुड होप से भेजने पड़ेंगे, यूरोप-अमेरिका के लिए 15-20 दिन अधिक लगेंगे। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष ए. शक्तिवेल ने कहा, हमारे माल की खेप में देरी हो सकती है। यह भी पढ़ें - Supreme Court: दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, सशस्त्र बलों के सेवा मानदंडों पर कही ये बात भारतीयों की सुरक्षा,चाबहार भी जद में खाड़ी देशों में रहने वाले 89 लाख प्रवासी भारतीय विदेशी आय का मुख्य स्रोत हैं। इनकी सुरक्षा व जरूरत पर निकासी सरकार के लिए चुनौती होगी। भारत की चाबहार बंदरगाह परियोजना अब सीधे युद्ध की जद में है। अस्थिरता से अरबों डॉलर निवेश और व्यापारिक संपर्क योजनाओं पर असर तय है। शिपिंग इंश्योरेंस प्रीमियम में वृद्धि हो सकती है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 01, 2026, 04:49 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




भारत पर भी युद्ध की तपिश: वैश्विक आपूर्ति शृंखला होगी प्रभावित; तेल आपूर्ति, सोना-चांदी की कीमत पर पड़ेगा असर #IndiaNews #National #Us-iranConflict #UsIsraelIranWar #India #GlobalSupplyChains #OilSupplies #Gold-silverPrices #Iran-usWar2026 #SubahSamachar