दिहुली कांडः हाईकोर्ट ने पलटा फांसी का फैसला...एक दोषमुक्त, दो को आजीवन कारावास; 24 दलितों की हुई थी हत्या
फिरोजाबाद के जसराना के गांव दिहुली (पूर्व में मैनपुरी का हिस्सा) में 18 नवंबर 1981 को हुई 24 दलितों की सामूहिक हत्या में मैनपुरी की एडीजे डकैती द्वारा तीन दोषियों को सुनाई फांसी की सजा का फैसला हाईकोर्ट ने पलट दिया है। हाईकोर्ट की कोर्ट संख्या 44 ने अपने फैसले में रामपाल को सभी आरोपों से दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया है, जबकि कप्तान सिंह और रामसेवक की फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया है। वर्तमान में तीनों आरोपी सेंट्रल जेल, आगरा में बंद हैं। हाईकोर्ट में बचाव पक्ष की ओर लगातार दो सप्ताह तक बहस की गई। दलीलों में कई अहम बिंदुओं को उठाया गया। बचाव पक्ष के अनुसार रामपाल पर अभियोजन पक्ष ने घटना के बाद आरोपियों को खाना खिलाने का आरोप लगाया था, जबकि कप्तान सिंह पर घटना में सीधे तौर पर शामिल होने का आरोप था। हाईकोर्ट में यह तर्क दिया गया कि सेशन कोर्ट ने रामपाल को 302 (हत्या) की धारा में बिना आरोप तय किए ही सजा दे दी थी। साथ ही उन्होंने पुलिस द्वारा बरामद की गई बंदूकों की एफएसएल रिपोर्ट का न होना, कुछ गवाहों की गवाही का संदिग्ध होना, और घटना के समय गांव में बिजली न होने जैसी परिस्थितियां को उजागर किया।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 26, 2025, 21:37 IST
दिहुली कांडः हाईकोर्ट ने पलटा फांसी का फैसला...एक दोषमुक्त, दो को आजीवन कारावास; 24 दलितों की हुई थी हत्या #CityStates #Mainpuri #Agra #UttarPradesh #DihuliMainpuri #HighCourt #SubahSamachar