फ्रांस की युवती पर हिंदुस्तानी रंग: यूरोप लौटकर रोक्सेन को लगा, भारत में ये छोटी चीजें कितनी खास; किस्सा क्या?
भारत घूमने के बाद यूरोप लौटने पर एक फ्रांसीसी योग ट्रेनर रोक्सेन को एहसास हुआ कि यहां की रोजमर्रा की जिंदगी की कई छोटी-छोटी बातें उसकी आदतों का हिस्सा बन चुकी हैं। फ्रांस और कनाडा में योग सिखाने वाली रोक्सेन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर बताया कि भारत से ऐसी कौन-सी चीजें हैं, जिन्हें यूरोपीय जीवन में भी जगह मिलनी चाहिए। भारत की संस्कृति ने कैसे मुरीद बनाया रोक्सेन कहती हैं कि उनका मकसद यह जाहिर करना नहीं है कि सिर्फ भारत परफेक्ट है या कोई एक संस्कृति दूसरी से बेहतर है। यूरोप लौटने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि भारत की कई छोटी बातें उनकी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई हैं। मुख्य बातें अपने लोग आसपास: परिवार, पड़ोसी और दोस्त जरूरत में साथ खड़े मिलते हैं। सहज आध्यात्मिकता: भारत में भक्ति और आध्यात्मिकता रोजमर्रा की जिंदगी का सहज हिस्सा है। बाहर भी जिंदगी: मोहल्ले में बैठना, मिलना-जुलना और चाय पर बातें करना उन्हें खास लगा। खाना खाया का अपनापन: हाल पूछने के साथ खाने का पूछना उन्हें आत्मीय लगा। खाने की विविधता: दाल-चावल, दही, पनीर, डोसा, सब्जियां और नारियल जैसे अलग-अलग स्वाद उन्हें पसंद आए। View this post on Instagram A post shared by Roxane ☀️ | Yoga amp; Movement (@yog.rox) रोक्सेन ने और किन बातों को रेखांकित किया हर समय उत्पादक होना जरूरी नहीं: बिना किसी काम के साथ बैठकर बातें करने में भी खुशी है। जिंदगी में रंग: साड़ी, गहने, फूल और चूड़ियों से भरे भारतीय रंग उन्हें यूरोप के अपेक्षाकृत फीके फैशन से अलग लगे। मुस्कान: लोगों का यूं ही मुस्कुरा देना।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 03, 2026, 03:15 IST
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