इंडिगो के विस्तार को नई उड़ान: 510 एयरबस विमानों के लिए खरीदेगी 1,000 से ज्यादा इंजन, CFM से हुआ समझौता
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने सोमवार को घोषणा की कि वह अपने 510 एयरबस ए320 नियो फैमिली विमानों के लिए सीएफएम इंटरनेशनल से 1,000 से अधिक इंजन खरीदेगी। इंडिगो और सीएफएम इंटरनेशनल ने ब्रिटेन में आयोजित फार्नबरो इंटरनेशनल एयरशो के दौरान इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। सीएफएम इंटरनेशनल, जीई एयरोस्पेस और सैफ्रॉन एयरक्राफ्ट इंजन का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी ने बताया कि 510 एयरबस ए320 नियो फैमिली विमानों के लिए 1,000 से अधिक लीप-1ए इंजन का यह ऑर्डर सीएफएम इंटरनेशनल के इतिहास में लीप इंजनों का अब तक का सबसे बड़ा एकल ऑर्डर होगा। हालांकि, इस सौदे की वित्तीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ए320 नियो फैमिली में ए320 नियो, ए321 नियो और ए321 एक्सएलआर विमान शामिल हैं। ये सभी नैरो-बॉडी विमान हैं। ये भी पढ़ें:बुनियादी उद्योगों में लौटी रफ्तार:जून में पांच प्रतिशत उत्पादन बढ़ा, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कैसे संकेत समझौते में और क्या-क्या शामिल समझौते के तहत सीएफएम इंटरनेशनल बंगलूरू में इंडिगो की इंजन एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सुविधा स्थापित करने में भी व्यापक सहयोग देगा। इसके अलावा कंपनी स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति सहित दीर्घकालिक सामग्री सेवा समझौते के माध्यम से इंडिगो के विमान बेड़े को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराएगी। वर्तमान में इंडिगो के पास 400 से अधिक विमान परिचालन में हैं और एयरबस के 900 से अधिक विमानों का ऑर्डर पहले से लंबित है। इंडिगो के नामित मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विली वॉल्श ने कहा, "2016 से सीएफएम हमारी विकास यात्रा में भरोसेमंद साझेदार रहा है और आज 375 से अधिक ए320/321 फैमिली विमानों के बेड़े को सहयोग दे रहा है। लीप इंजन की विश्वसनीयता इसे हमारे विस्तार, परिचालन क्षमता और टिकाऊ विकास के लक्ष्यों के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प बनाती है।" इंडिगो पिछले 10 वर्षों से सीएफएम इंटरनेशनल की ग्राहक है। सीएफएम के लिए भारत तीसरा सबसे बड़ा बाजार वर्ष 2016 में एयरलाइन सीएफएम56-5बी इंजन से लैस एयरबस ए320 सीईओ फैमिली विमानों का संचालन कर रही थी। इसके बाद 2019 में उसने अपने नए एयरबस ए320/321 नियो फैमिली विमानों के लिए लीप-1ए इंजन का ऑर्डर दिया था। सीएफएम इंटरनेशनल के लिए भारत तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। वर्तमान में भारत की पांच एयरलाइंस 400 से अधिक लीप इंजन वाले विमानों का संचालन कर रही हैं और 2,000 इंजनों का ऑर्डर पहले से दिया जा चुका है। जीई एयरोस्पेस के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एच. लॉरेंस कल्प जूनियर ने कहा कि पुणे में विनिर्माण सुविधा, स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं का मजबूत नेटवर्क और बेंगलूरू में उन्नत इंजीनियरिंग क्षमताओं के साथ कंपनी इंडिगो के विस्तार और भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये भी पढ़ें:The Bonus Market Update:पश्चिम एशिया तनाव बढ़ने से फिसला बाजार; सेंसेक्स 443 अंक गिरा, निफ्ट 24300 के नीचे समझौते पर किसने क्या कहा सैफ्रॉन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओलिवियर एंड्रीस ने कहा, "भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में से एक है और हमारे लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। लीप इंजन उत्पादन और एमआरओ क्षमता में लगातार निवेश के जरिए हम इंडिगो की तेज वृद्धि और भारतीय एयरोस्पेस उद्योग के विकास के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को मजबूत कर रहे हैं।" इस बीच, प्रैट एंड व्हिटनी (पीएंडडब्ल्यू) इंजनों से जुड़ी समस्याओं के कारण कई विमान अब भी ग्राउंडेड हैं। सोमवार को ही हनीवेल एयरोस्पेस ने भी घोषणा की कि इंडिगो ने आने वाले वर्षों में मिलने वाले 810 नए एयरबस ए320 नियो फैमिली विमानों के लिए उसके एवियोनिक्स और पावर सिस्टम का चयन किया है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 20, 2026, 21:25 IST
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