उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बढ़ रहे गंभीर रोग : चंद्र कुमार

धर्मशाला। कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि पुराने समय में खेती वैज्ञानिक तरीकों पर आधारित न होने के बावजूद लोग मोटा अनाज खाते थे और स्वस्थ रहते थे। लेकिन वर्तमान में उर्वरकों के अत्यधिक और असंतुलित उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर बीमारियां पैदा हो रही हैं। ऐसे में संतुलित खेती अपनाना समय की मांग है।शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र (केविके) कांगड़ा में बीज, कृषि रसायन एवं उर्वरक आदान विक्रेताओं के लिए आयोजित 15 दिवसीय शिविर का शुभारंभ करते हुए उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण और सही बीज के चयन पर विशेष बल दिया। 16 से 30 जनवरी तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में जिला के विभिन्न ब्लॉकों से 108 विक्रेता भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संजय ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य विक्रेताओं को केवल तकनीकी जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार सलाहकार और किसान हितैषी मार्गदर्शक के रूप में तैयार करना है। सफल प्रशिक्षण के बाद विक्रेताओं को लाइसेंस भी प्रदान किए जाएंगे। कृषि विभाग कांगड़ा के सहयोग से आयोजित इस शिविर में रसायनों के सुरक्षित उपयोग और रसायनों की सही संभाल पर भी जोर दिया जा रहा है।घट रही भूमि की उपजाऊ क्षमता कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा ने जानकारी दी कि किस प्रकार रसायनों के गलत उपयोग से भूमि की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है। उन्होंने उर्वरकों के संतुलित प्रयोग और कृषि नियमों के पालन की आवश्यकता पर विस्तृत प्रकाश डाला। कार्यक्रम में एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, उपनिदेशक कृषि डॉ. कुलदीप धीमान और निशु मोंगरा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 16, 2026, 20:14 IST
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