West Asia: अंतरिम समझौते से तेहरान को बड़ी आर्थिक राहत, परमाणु मुद्दे पर कठिन फैसले टले

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने को लेकर हुए अंतरिम समझौते से ईरान को महत्वपूर्ण आर्थिक राहत मिलने जा रही है। इस 14 सूत्रीय अंतरिम समझौते ने दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर सबसे विवादित मुद्दों पर अंतिम फैसले को आगे की बातचीत के लिए टाल दिया है। अप्रैल में घोषित युद्ध विराम को अगले 60 दिनों के लिए बढ़ाया गया है, ताकि दोनों पक्ष स्थायी शांति समझौते पर बातचीत कर सकें। समझौते के तहत अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों को हटाएगा और ईरान को तेल निर्यात की अनुमति देने के लिए अस्थायी छूट देगा। इससे आर्थिक संकट से जूझ रहे ईरान को बड़ी राहत मिल सकती है। शुरुआती समझौता ईरान के पक्ष में अधिक : ग्राजेव्स्की इस समझौते को ईरान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। समझौते के तहत अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाएगा और बंदरगाहों को खोलेगा। ईरान की फ्रीज की गई अरबों डॉलर की संपत्ति को बहाल करेगा। साथ ही युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर का निवेश कोष बनाएगा। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संबंध विश्लेषक निकोल ग्राजेव्स्की ने कहा कि मौजूदा समझौता तत्काल लाभों के लिहाज से ईरान के पक्ष में अधिक दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जिन कठिन कदमों की मांग कर रहा था, उनमें से कई को आगे की वार्ता के लिए टाल दिया गया है। बदलाव की आहट ईरान के साथ कूटनीति के समर्थकों ने समझौते का खुस्वागत किया है। नेशनल ईरानियन अमेरिकन काउंसिल के अध्यक्ष जमाल अब्दी ने कहा कि इसे रियायत के बजाय लंबे समय से चली आ रही दबाव की नीति में बदलाव के रूप में देखा जाना चाहिए। वहीं, अमेरिका में ईरान के प्रति सख्त रुख रखने वाले समूहों ने तेल निर्यात और बैंकिंग प्रतिबंधों में ढील को लेकर चिंता जताई है। साथ ही अन्य विशेषज्ञों ने भी इसे ईरान के लिए अच्छा बताया है। ये भी पढ़ें:नाइजर की राजधानी के एयरपोर्ट पर बड़ा आतंकी हमला; 11 सैनिक, दो नागरिकों की मौत; 22 हमलावर ढेर समझौते के उल्लंघन की कीमत अब अधिक होगी : ईरान ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा, ईरानी जहाज बिना किसी बाधा बंदरगाहों में दाखिल हुए हैं और बिना किसी रुकावट के सामान भी उतारा गया है। बघाई ने कहा, जब अमेरिका और ईरान के राष्ट्रपतियों डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेजेशकियन ने किसी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, तो उसका उल्लंघन करने की कीमत भी ज्यादा चुकानी होगी। ईरानी प्रवक्ता ने कहा, हमने तय किया कि बेहतर विकल्प यह है कि दोनों देशों के राष्ट्रपति किसी खास जगह पर मौजूद रहे बिना, वर्चुअली दस्तावेज पर हस्ताक्षर करें। इस फैसले के कई कारण हैं, जिनमें सबसे अहम यह है कि जब दस्तावेज पर दोनों देशों के सबसे बड़े अधिकारियों के हस्ताक्षर होंगे, तो इसके उल्लंघन की कीमत भी ज्यादा होगी। मुझे नहीं लगता कि किसी और समारोह की ज़रूरत है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने स्वागत किया अमेरिका-ईरान के बीच समझौते पर विश्व ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फतिह बिरोल ने कहा कि तनाव खत्म करने के लिए हुए अंतरिम समझौते से मुझे व सभी को खुशी हुई है, लेकिन होर्मुज को बिना किसी शर्त फिर से खोलना चाहिए और बातचीत अगले 60 दिनों में पूरी हो जानी चाहिए।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 19, 2026, 03:27 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »

Read More:
World International



West Asia: अंतरिम समझौते से तेहरान को बड़ी आर्थिक राहत, परमाणु मुद्दे पर कठिन फैसले टले #World #International #SubahSamachar