Israel-Iran War: तीन महीने पहले ही बन गया था खामेनेई के खात्मे का प्लान, इस्राइली रक्षा मंत्री का बड़ा खुलासा
इस्राइली सरकार ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को खत्म करने का फैसला पिछले साल नवंबर में ही ले लिया था। रक्षा मंत्री इस्राइल काट्जके हवाले से आई एक रिपोर्ट के अनुसार इस मिशन को मूल रूप से लगभग छह महीने बाद यानी 2026 के मध्य तक पूरा करने की योजना थी। उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक में लिया फैसला रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने गुरुवार को बताया कि यह रणनीतिक लक्ष्य पिछले साल के अंत में एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक के दौरान स्थापित किया गया था। उन्होंने एक समाचार चैनल एन12 को बताया, 'नवंबर में ही हम प्रधानमंत्री के साथ एक बहुत ही गोपनीय बैठक में थे और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को खत्म करने का लक्ष्य तय किया था।' ईरान की घरेलू अशांति के बाद बढ़ाई समय सीमा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के भीतर चल रही घरेलू अशांति के बाद इस ऑपरेशन की समय-सीमा को बढ़ाया गया। इस्राइलने अपनी इस रणनीति को वाशिंगटन के साथ साझा किया और मिशन को जनवरी के आसपास आगे बढ़ाया। इस्राइल काट्ज ने समझाया कि यह समायोजन इसलिए किया गया, क्योंकि उन्हें चिंता थी कि तेहरान में दबाव में चल रहा नेतृत्व पश्चिम एशिया में इस्राइली और अमेरिकी संपत्तियों के खिलाफ शत्रुता शुरू कर सकता है। 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' और 'एपिक फ्यूरी' का हिस्सा खामेनेई की हत्या शनिवार को शुरू हुए 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' और 'एपिक फ्यूरी' के शुरुआती घंटों में की गई। यह पहली बार है जब किसी संप्रभु राष्ट्र के शीर्ष नेता को हवाई हमले से मारा गया है। इस्राइल का कहना है कि उसके मुख्य उद्देश्य ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट और परमाणु कार्यक्रम से उत्पन्न होने वाले 'अस्तित्वगत खतरे' को खत्म करना और 'शासन परिवर्तन' को सुविधाजनक बनाना है। ईरान पर लगातार हवाई हमले जारी इस बड़े हमले के बाद इस्राइल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने अपने हवाई अभियान को और तेज कर दिया है। गुरुवार को IDF ने घोषणा की कि उन्होंने तेहरान में 12वीं लहर के हमले पूरे कर लिए हैं, जिसमें ईरान की प्रमुख सुरक्षा और सैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया। ये भी पढ़ें:US:क्या ईरान में स्कूल पर हुए हमले में अमेरिका था शामिल जांच में बड़ा दावा, ट्रंप की बढ़ सकती है टेंशन अलबरज प्रांत में विशेष इकाई का मुख्यालय निशाना उच्च-प्राथमिकता वाले लक्ष्यों में अलबरज प्रांत में एक विशेष इकाई का मुख्यालय शामिल था, जो सभी आंतरिक सुरक्षा बलों के लिए जिम्मेदार है। इस्राइल वायु सेना (IAF) ने कहा, 'आईडीएफ ने तेहरान में हमलों की 12वीं लहर पूरी की 'अलबरज' प्रांत में ईरानी आतंकवादी शासन की विशेष इकाई का मुख्यालय, साथ ही बासिज बल के ठिकानों और आंतरिक सुरक्षा पर हमला किया गया।' आईडीएफ ने एक्स पर पोस्ट की एक श्रृंखला में पुष्टि की है कि अलबरज मुख्यालय क्षेत्र की सभी विशेष इकाइयों को कमांड करता है और शासन के सशस्त्र बलों को निर्देशित करने का काम करता है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और बासिज अर्धसैनिक बल की अतिरिक्त सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया। ये भी पढ़ें:ईरान का जवाबी वार:अमेरिका की 'आंख' पर हमला, 5000 किमी रेंज वाला वार्निंग सिस्टम तबाह; जानें कैसे बड़ा नुकसान आईएएफ ने ईरान के सशस्त्र आंतरिक सुरक्षा बलों के लिए एक केंद्रीय कमांड सेंटर को भी निशाना बनाया। ईरानी शासन के खिलाफ अभियान के तहत हथियारों के भंडारण और उत्पादन के लिए उपयोग की जाने वाली दर्जनों अतिरिक्त साइटों पर भी हमला किया गया। आईएएफ ने कहा, 'आईडीएफ तेहरान में ईरानी आतंकवादी शासन के सभी तंत्रों पर प्रभाव गहरा कर रहा है।' अन्य वीडियो
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 06, 2026, 08:49 IST
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