Jammu News: पीओजेके को अच्छे से जानकर उसे मन से अपनाएं, वहां के लोग अपने भाई-बहन
प्रस्ताव और कानूनी मसलों पर कोर्ट परिसर में आयोजित हुई सेमिनार इंडिया फाउंडेशन के निदेशक कैप्टन आलोक बंसल रहे मुख्य वक्ता के रूप में मौजूदअमर उजाला ब्यूरो जम्मू। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के सभी निवासी हमारे भाई-बहन हैं। पीओजेके को अपने देश में शामिल करना है, तो पहले उसे अच्छे से जानकर मन से अपनाना होगा। यह बात मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर में आयोजित एक सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद इंडिया फाउंडेशन के निदेशक कैप्टन आलोक बंसल ने कही। सेमिनार का आयोजन अधिवक्ताओं के संगठन रिसर्च एंड एडवोकेसी ग्रुप ने किया।सेमिनार में वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील सेठी और पूर्व महाधिवक्ता यूके जलाली भी वक्ता के रूप में मौजूद रहे। सेमिनार को संबोधित करते हुए कैप्टन आलोक बंसल ने कहा कि पीओजेके के निवासियों के साथ पाकिस्तान सरकार सौतेला व्यव्यहार करती है। पाकिस्तान के बाकी हिस्सों के मुकाबले पीओजेके में तीन से दस गुना ज्यादा मंहगाई है। वहां के निवासियों को रोटी, कपडा, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रहीं। वहां की बहन-बेटियों के साथ भी पाकिस्तान के दूसरे राज्यों के लोग बर्बरता करते है। इन सब हालातों की वजह से पीओजेके के लोग भी पाकिस्तान सरकार से तंग आ चुके हैं और समय-समय पर विरोध प्रदर्शन भी करते रहते हैं। पीओजेके में रहने वालों की ओर से भारत में शामिल होने की मांग उठने लगी है, लेकिन उससे पहले हमें उन्हें मन से अपनाना होगा। इस दौरान पूर्व महाधिवक्ता यूके जलाली ने कहा कि यदि उस समय की सरकार ने राजनीतिक विवेक का प्रयोग किया होता, तो शिमला समझौते में पीओजेके के क्षेत्रों का आदान-प्रदान किया जा सकता था। अब पकिस्तान हमारे देश की जमीन का इस्तेमाल आतंकियों के लांचपैड के रूप में कर रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील सेठी ने साल 1994 में पीओजेके पर संसद में पास किए गए प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि यह महज एक संसदीय दस्तावेज नहीं है, बल्कि पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्रों को वापस लेने के लिए भारत के संकल्प का मजबूत दावा है। सेमिनार के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता लॉयर्स चैंबर्स के कॉन्फ्रेंस हॉल में मौजूद रहे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 05, 2025, 02:22 IST
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