झारखंड में महा-परीक्षा का आगाज: 10 साल बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा आज, 5.65 लाख अभ्यर्थियों की किस्मत दांव पर

झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। करीब 10 साल बाद राज्य में रविवार, एक नवंबर को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटीईटी) आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा के लिए राज्यभर से 5,65,916 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा के सफल और निष्पक्ष संचालन के लिए राज्य के सभी 24 जिलों में कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हाल की भर्ती परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त बनाने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार कराई है। सभी जिलों के उपायुक्तों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा के साथ प्रशासन का भी बड़ा इम्तिहान जेटीईटी का आयोजन केवल अभ्यर्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के अलावा स्ट्रॉन्ग रूम, सीसीटीवी कैमरों, साइबर सेल, यातायात व्यवस्था, फायर ब्रिगेड और सदर अस्पतालों की आपातकालीन व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी शुरू कर दी है। संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा लागू की जा रही है। वहीं, साइबर सेल को सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक या फर्जी प्रश्नपत्र के नाम पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। परीक्षा में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों और राज्यों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए होटलों की भी सघन जांच की जा रही है। मेटल डिटेक्टर से होगी जांच, पांच जिलों को मिले 112 उपकरण परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली जाएगी। प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल और नकल की आशंका को खत्म करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने पांच जिलों को कुल 112 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर उपलब्ध कराए हैं। इनमें रांची को सबसे अधिक 50 मेटल डिटेक्टर दिए जाएंगे। इसके अलावा धनबाद को 25, पाकुड़ को 12, जामताड़ा को 12 और पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा को 13 मेटल डिटेक्टर उपलब्ध कराए गए हैं। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले फ्रिस्किंग के दौरान मोबाइल फोन समेत अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दो पालियों में होगी परीक्षा, जानें प्रवेश का समय झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली कक्षा छह से आठवीं तक के अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित है, जबकि दूसरी पाली में कक्षा एक से पांचवीं तक के अभ्यर्थी शामिल होंगे। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इसके लिए अभ्यर्थियों को सुबह 7:30 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश की अंतिम समय-सीमा सुबह नौ बजे निर्धारित की गई है। इसके बाद मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा। वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होगी। दूसरी पाली के अभ्यर्थियों को दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक ही केंद्र में प्रवेश मिलेगा। 1:30 बजे के बाद मुख्य गेट बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। ओएमआर शीट पर होगी परीक्षा, विवरण भरने में बरतें सावधानी जेटीईटी का आयोजन ओएमआर शीट के माध्यम से किया जा रहा है। अभ्यर्थियों को भाषा, विषय और श्रेणी से संबंधित विवरण भरते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। इन जानकारियों में गलती होने पर सुधार का कोई अवसर नहीं मिलेगा। परिषद ने स्पष्ट किया है कि ओएमआर शीट में किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि या छेड़छाड़ पाए जाने पर अभ्यर्थी की उम्मीदवारी तत्काल रद्द कर दी जाएगी। इसलिए परीक्षा के दौरान सभी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। मोबाइल, स्मार्टवॉच और किताबें ले जाने पर पाबंदी परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा बैग, पाउच, पर्स, किताबें और नोट्स भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। अभ्यर्थियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि परीक्षा केंद्रों पर प्रतिबंधित सामान रखने की कोई आधिकारिक व्यवस्था नहीं होगी। इसलिए उन्हें सलाह दी गई है कि वे अपने साथ ऐसे सामान लेकर न पहुंचें, जिनकी परीक्षा केंद्र में अनुमति नहीं है। प्रवेश पत्र और फोटो पहचान पत्र रखना जरूरी परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र का स्पष्ट प्रिंटआउट साथ रखना होगा। इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी जैसे किसी एक मूल फोटो पहचान पत्र को भी साथ ले जाना अनिवार्य है। ओएमआर शीट भरने के लिए अभ्यर्थियों को पारदर्शी बॉडी वाला बॉलपॉइंट पेन लेकर जाना होगा। परीक्षा केंद्र के लिए निकलने से पहले प्रवेश पत्र पर दर्ज केंद्र का पता, परीक्षा की पाली और रिपोर्टिंग समय की जांच जरूर कर लें, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो। दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा 30 मिनट अतिरिक्त समय परीक्षा में शामिल होने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। दृष्टिबाधित, सेरेब्रल पाल्सी और दोनों हाथों से दिव्यांग अभ्यर्थियों को नियमानुसार 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इसके अलावा निर्धारित पात्रता और शर्तों को पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को श्रुतिलेखक की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए संबंधित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी परेशानी पर इन हेल्पलाइन नंबरों पर करें संपर्क अभ्यर्थियों की समस्याओं और परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने विशेष कंट्रोल रूम बनाया है। यह कंट्रोल रूम 31 अक्तूबर और एक नवंबर को सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक सक्रिय रहेगा। परीक्षा से संबंधित किसी भी समस्या या जानकारी के लिए अभ्यर्थी इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर: 7485093436, 7485093437 और 7485093440 पुलिस अधीक्षकों को भी अलर्ट रहने के निर्देश परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भी अलर्ट पर रखा है। उन्हें जरूरत के अनुसार वाहनों और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी निर्धारित करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस प्रशासन परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ही परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने में जुटा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की जनसहयोग की अपील मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा को शांतिपूर्ण, स्वच्छ और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए आम लोगों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने परीक्षार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों से राज्यहित और जनहित में निस्वार्थ भाव से आगे आने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के साथ झारखंड की गरिमा की रक्षा करना हम सभी का साझा दायित्व है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए परीक्षाओं का निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन बेहद जरूरी है। कदाचार करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि परीक्षा में किसी भी स्तर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने या कराने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन नहीं करने वाले लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित पक्षों से ईमानदारी और निष्ठा के साथ सहयोग करने की अपील की है, ताकि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी यह परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 01, 2026, 07:49 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




झारखंड में महा-परीक्षा का आगाज: 10 साल बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा आज, 5.65 लाख अभ्यर्थियों की किस्मत दांव पर #CityStates #Ranchi #Jharkhand #JharkhandNews #SubahSamachar