UP: भंडरिया के 43 मिनट…कुशाग्र-प्रभात के बीच हुआ था संघर्ष, कोई चश्मदीद गवाह नहीं…CCTV और CDR ने किया पर्दाफाश

छोटी सी भंडरिया के अंदर 43 मिनट तक प्रभात और कुशाग्र के बीच जो हुआ वो किसी ने नहीं देखा। कुशाग्र की हत्या का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, लेकिन घटना के खुलासे और दोषियों को सजा तक पहुंचाने में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिपोर्ट का बारीकी से परीक्षण करने पर रचिता, प्रभात और शिवा के घटना में शामिल होने के अभियोजन के तर्क पर कोर्ट ने सहमति जताई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पांच घंटे तक कोर्ट रूम में एक-एक सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से देखा गया था। फुटेज में प्रभात और कुशाग्र शाम 4:33 बजे भंडरिया के अंदर जाते हैं और 5:16 मिनट पर प्रभात अकेला भंडरिया से हेलमेट लेकर बाहर निकलता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 23, 2026, 03:48 IST
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