काशी को 50 साल बाद 5वां विवि: फॉरेंसिक साइंस का पहला बैच शुरू, छह असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त; जानें खास
काशी को करीब 50 साल बाद पांचवां विश्वविद्यालय मिल गया है। जाल्हूपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) के गुजरात स्थित मुख्य परिसर का ट्रांजिट कैंपस शुरू हो चुका है। यहां फॉरेंसिक साइंस के पहले बैच की कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। छह असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति के साथ संस्थान ने शैक्षणिक गतिविधियों को गति दे दी है। एनएफएसयू के शुरू होने के साथ काशी में विश्वविद्यालयों की संख्या पांच हो गई है। अब बीएचयू, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और केंद्रीय तिब्बती अध्ययन संस्थान के साथ एनएफएसयू भी उच्च शिक्षा के प्रमुख संस्थानों में शामिल हो गया है। संस्थान का स्थायी परिसर 50 एकड़ जमीन पर शहंशाहपुर में विकसित किया जाएगा। फिलहाल जाल्हूपुर स्थित ट्रांजिट कैंपस से शिक्षण कार्य संचालित किया जा रहा है। इससे पहले काशी विद्यापीठ को वर्ष 1974 में डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिला था। बाद में वर्ष 2009 में इसे राज्य विश्वविद्यालय के रूप में नामित किया गया। इसके करीब पांच दशक बाद काशी में फॉरेंसिक विज्ञान पर केंद्रित नए विश्वविद्यालय की शुरुआत को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 15, 2026, 08:05 IST
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