एमपी: 23 सितंबर को UPI क्यों बंद रखेंगे व्यापारी? 2,000 से ज्यादा के भुगतान पर क्या बदलेगा? जानिए पूरा मामला

मध्यप्रदेश में 23 सितंबर कोनो यूपीआई डे मनाने की तैयारी है। इंदौर में व्यापारिक संगठनों ने इस दिन यूपीआई से भुगतान नहीं लेने का फैसला किया है। वहीं, भोपाल समेत दूसरे शहरों के व्यापारियों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आपत्ति जताई हैं। व्यापारियों का विरोध 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर है। लेकिन सवाल यह है कि नया नियम क्या है, इसका असर किस पर पड़ेगा और क्या आम ग्राहक को यूपीआई इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने होंगे एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में मध्यप्रदेश में कुल 63,628 करोड़ के यूपीआई लेन-देन हुए। इनमें भोपाल और इंदौर की हिस्सेदारी करीब 28 प्रतिशत रही। दोनों शहरों में अगस्त के दौरान मिलाकर 17,963 करोड़ का यूपीआई कारोबार दर्ज हुआ, यानी औसतन हर घंटे करीब 24 करोड़ का लेन-देन हुआ। ये भी पढ़ें-मध्यप्रदेश: हर विधानसभा में बनेंगे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मैदान के बीच होगा हेलीपैड;मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले सबसे पहले समझिए एमडीआर क्या है मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले व्यापारी से लिया जाता है। नए यूपीआई ढांचे में चुनिंदा पर्सन टू मर्चेंट यानी ग्राहक से व्यापारी को होने वाले 2,000 से ज्यादा के भुगतान पर 0.4% एमडीआर लागू होगा। सामान्य स्थिति में इसकी अधिकतम सीमा 300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है। उदाहरण के लिए 10,000 का यूपीआई भुगतान होने पर एमडीआर 40 होगा। ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह ग्राहक पर लगाया गया यूपीआई चार्ज नहीं है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक ग्राहक से यह शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं होगी। यानी दुकान पर 10,000 का सामान खरीदकर यूपीआई से भुगतान करने वाले ग्राहक को अलग से 40 रुपए यूपीआई चार्ज नहीं देना होगा। ये भी पढ़ें-गरबा में मुस्लिमों की एंट्री: भाजपा विधायक बोले- बहन-बेटियां भी लेकर आओ, कांग्रेस विधायक ने कहा- बदतमीजी छोड़ो क्या हर 2,000 से ज्यादा के यूपीआई भुगतान पर चार्ज लगेगा नहीं। नया नियम सभी यूपीआई भुगतानों पर लागू नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति यानी पीटूपी ट्रांजैक्शन पहले की तरह मुफ्त रहेंगे। उदाहरण के लिए किसी दोस्त या रिश्तेदार को 5,000 भेजने पर एमडीआर नहीं लगेगा। इसी तरह 2000 तक के मर्चेंट भुगतान मुफ्त रहेंगे। छोटे व्यापारियों के लिए भी जीरो-एमडीआर की व्यवस्था जारी रहेगी। वित्त मंत्रालय का कहना है कि करीब 96% पी2एम यानी ग्राहक से व्यापारी को होने वाले यूपीआई ट्रांजैक्शन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे। ये भी पढ़ें-मध्यप्रदेश: तेरे बाप का कार्यक्रम है कई सिंघम आए और गए, कांग्रेस नेता सज्जन के बयान पर IPS एसोसिएशन नाराज

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 22, 2026, 16:37 IST
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