Rajasthan: मदरसा बोर्ड में घोटाले और मिड-डे मील की जांच होगी, शिक्षकों की डीपीसी जल्द, शिक्षा मंत्री का एलान
राजस्थान सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया। मंगलवार को हुई चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षा के स्तर को सुधारने और अनियमितताओं की जांच को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। मंत्री ने बताया- थर्ड ग्रेड शिक्षकों की डीपीसी जल्द कराई जाएगी और अप्रैल महीने से विभिन्न संवर्गों की डीपीसी कराकर विद्यालयों में रिक्त पदों को भरा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि पिछली सरकार में हुई पदोन्नतियों में यदि अनियमितताएं पाई गईं तो उनकी जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। री-चैकिंग की सुविधा भी मिलेगी मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि अब परीक्षाओं में री-टोटलिंग के साथ री-चैकिंग की सुविधा भी मिलेगी। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के पेपर अब खंडवार अलग-अलग विशेषज्ञों से बनवाए जाएंगे, जिससे पेपर लीक और नकल माफिया पर अंकुश लगेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत प्रारंभिक शिक्षा में मातृभाषा या स्थानीय भाषा में पढ़ाई को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए शब्दकोश तैयार कर लिया गया है और उसी आधार पर पाठ्यपुस्तकें बनाई जा रही हैं। मिड-डे मील और मदरसा बोर्ड में घोटाले की जांच होगी शिक्षा मंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल में मिड-डे मील वितरण में 1,705 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि इसकी नई टीम द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इसी तरह मदरसा बोर्ड में यूनिफॉर्म वितरण में हुई अनियमितताओं की भी जांच होगी। विद्यालयों का उन्नयन और सुविधाओं का विस्तार सरकार ने आदेश जारी कर सभी स्कूलों को क्रमोन्नत करने का निर्णय लिया है। बचे हुए विद्यालयों में शौचालय निर्माण इसी वित्तीय वर्ष में पूरा किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने कोई विद्यालय बंद नहीं किया, बल्कि संसाधनों का समुचित उपयोग कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया है। लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत जन्म पर 1 लाख रुपये का संकल्प पत्र दिया जाएगा। साथ ही, सरकार सभी संभागों में बालिका सैनिक स्कूल खोलने की योजना पर भी कार्य कर रही है। महत्वपूर्ण घोषणाएं शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए आईडी कार्ड बनाए जाएंगे। विद्यालयों के एक समान रंग-रोगन की व्यवस्था की जाएगी। 100% दृष्टिबाधित और मूकबधिर शिक्षकों को इच्छित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। रीट परीक्षा बिना पेपर लीक के सफलतापूर्वक आयोजित मंत्री ने बताया कि रीट परीक्षा 27-28 फरवरी, 2025 को मुख्यमंत्री के निर्देशन में निष्पक्ष रूप से कराई गई, जिसमें 13.77 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई। राजस्थान सरकार शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए नवाचार और पारदर्शिता के साथ नई नीतियों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 05, 2025, 10:53 IST
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