Aligarh News: चांद नजर आते ही इमामबाड़ों में मजलिस शुरू
मुहर्रम का चांद नजर आते ही शहर के अजाखानों और इमामबाड़ों में गम का माहौल छा गया। इमामबाड़ों में अलम और ताबूत सजाए गए। एएमयू के बैतुस्सलात में मजलिस हुई। चांद दिखाई देने के साथ ही शिया समुदाय के लोगों ने हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद में अजादारी शुरू कर दी। मौलाना गुलाम रजा ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने 28 रजब को मदीना से कर्बला के सफर की शुरुआत की थी। यजीद सत्ता पर बैठा तो उसने इस्लाम की शिक्षाओं के विपरीत कार्य करना शुरू कर दिया। ऐसे समय में इमाम हुसैन ने सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए यजीद की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया और दीन को बचाने के लिए मदीना छोड़ दिया। कर्बला में इमाम हुसैन और साथियों को शहीद कर दिया गया। इस अवसर पर ताबिश नकवी, मुर्तजा जैदी, प्रो. अब्बास वसीम, नादिर अब्बास नकवी, इंजी. इमदाद आदि मौजूद रहे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 17, 2026, 02:41 IST
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