Mandi News: रेशम उत्पादन में आत्मनिर्भर बना मंडी

मंडी। जिला रेशम उत्पादन (सेरीकल्चर) के क्षेत्र में एक आत्मनिर्भर हब बनकर उभरा है। शहतूत आधारित रेशम कीट पालन से लेकर बीज उत्पादन, ओक टसर रेशम और धागा निर्माण (पोस्ट-कोकून) तक की पूरी मूल्य शृंखला यहां धरातल पर विकसित हो चुकी है। अकेले वर्ष 2025-26 में सिल्क समग्र-2 योजना के तहत जिले के 105 लाभार्थियों को 163.66 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई, जिससे किसानों को आधुनिक कीट पालन गृह, उन्नत उपकरण और शहतूत रोपण जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। वर्तमान में जिले के 1,944 किसान परिवार सीधे तौर पर सेरीकल्चर गतिविधियों से जुड़कर अपनी आजीविका संवार रहे हैं। तीन वर्षों में जिले में रिकॉर्ड 27,041.74 किलोग्राम हरे कोकून का उत्पादन दर्ज किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इस अवधि के दौरान 6,593 लाभार्थी किसानों को 3,619 औंस उच्च गुणवत्ता वाले रेशम बीज वितरित किए गए और पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए 84,500 उन्नत किस्म के शहतूत के पौधे मुफ्त उपलब्ध करवाए गए।रेशम अधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि इस पूरी व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए उद्योग विभाग के चार प्रमुख संस्थानों रेशम मंडल मंडी, उप निदेशक कार्यालय बालीचौकी, सिल्कवर्म सीड प्रोडक्शन सेंटर (एसएसपीसी) थुनाग और संधोल मंडल सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 29, 2026, 16:32 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Mandi News: रेशम उत्पादन में आत्मनिर्भर बना मंडी #MandiBecomesSelf-reliantInSilkProduction. #SubahSamachar