Bihar: 25 प्लॉट, लग्जरी कार और सोने के जेवर; DSP गौतम कुमार के करोड़ों के संपत्ति साम्राज्य का खुलासा

किशनगंज के एसडीपीओ (DSP) गौतम कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की बड़ी कार्रवाई मंगलवार को पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ईओयू की टीम ने डीएसपी के पूर्णिया, किशनगंज और पटना स्थित कुल 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में प्रारंभिक साक्ष्य मिले हैं कि डीएसपी ने अपनी वैध आय से लगभग 60.27% अधिक अवैध संपत्ति अर्जित कर रखी है। बेनामी संपत्ति और महंगी गाड़ियां बरामद छापेमारी के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा पूर्णिया के हाउसिंग कॉलोनी (नाला रोड) स्थित उनके आवास पर हुआ। यहां 3600 वर्गफीट में बना एक भव्य चार मंजिला मकान मिला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा तलाशी के दौरान अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर खरीदे गए लगभग 25 भूखंडों (प्लॉट) के दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिन्हें बेनामी संपत्ति माना जा रहा है। घर से क्रेटा और थारजैसी महंगी गाड़ियां और कीमती ब्रांडेड घड़ियां भी मिली हैं। 60 लाख रुपये के सोने के जेवरात बरामद ईओयू ने इस मामले में डीएसपी की पत्नी रूबी कश्यप, सास पूनम देवी और उनकी एक महिला मित्र शगुफ्ता शमीम को भी सह-अभियुक्त बनाया है। शगुफ्ता के घर की तलाशी में 60 लाख रुपये के सोने के जेवरात और उनके नाम पर खरीदे गए 7 प्लॉट के कागजात मिले हैं। जांच में साक्ष्य मिले हैं कि डीएसपी ने शगुफ्ता के बैंक खाते में बड़ी नकद राशि जमा की थी और उनके लिए कीमती गहने भी खरीदे थे। नर्सिंग होम खोलने से संबंधित नक्शा भी बरामद तलाशी के दौरान पटना में एक नर्सिंग होम खोलने से संबंधित नक्शा भी बरामद हुआ है। ईओयू को सूचना मिली है कि डीएसपी ने सिलीगुड़ी के चाय बागान और नोएडा-गुरुग्राम में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया है। माफियाओं के साथसंबंधों की भी जानकारी इसके अलावा स्थानीय कोयला, शराब और लॉटरी माफियाओं के साथ उनकेसंबंधों की भी जानकारी मिली है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है। यह भी पता चला है कि वे अपनी पहचान छिपाने के लिए दूसरों के नाम पर जारी फर्जी सिम कार्ड का प्रयोग करते थे। ये भी पढ़ें:16 प्लॉट, लाखों का निवेश और ट्रस्ट का जाल, अफसर के काले धन का खेल बेनकाब ईओयू नेरिपोर्ट पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग को भेजा किशनगंज स्थित उनके सरकारी आवास की तलाशी में 1 लाख 37 हजार रुपये नकद और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। डीएसपी गौतम कुमार वर्ष 1994 में पुलिस सेवा में आए थे और 2019 में प्रोन्नत होकर पुलिस उपाधीक्षक बने थे। ईओयू ने इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग को भेज दी है, जिससे आने वाले दिनों में उनकी विभागीय मुश्किलें और बढ़ना तय माना जा रहा है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 31, 2026, 20:05 IST
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