MEA: रूसी सेना में फंसे नागरिकों की रिहाई जारी, PoJK पर पाकिस्तान को घेरा; विदेश मंत्रालय ने क्या-क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए जहाज एमवी एजीएन रैगनर पर हमले के बाद चालक दल में शामिल चार भारतीयों में से दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अब भी लापता हैं। इसके अलावा रूसी सेना में फंसे भारतीय नागरिकों की रिहाई, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की स्थिति, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, अमेरिकी सीनेट के विधेयक और एमनेस्टी रिपोर्ट पर भी विदेश मंत्रालय ने सरकार का पक्ष रखा। यूक्रेन में जहाज पर हमला, दो भारतीय अब भी लापता क्यों रणधीर जायसवाल ने बताया कि 25 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहे एमवी एजीएन रैगनर पर हमला हुआ था। जहाज पर चालक दल के सदस्य के रूप में चार भारतीय मौजूद थे। इनमें से दो सुरक्षित हैं, जबकि दो भारतीय अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और रोमानिया, दोनों पक्षों की ओर से खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया है। भारत लगातार दोनों देशों के संपर्क में है ताकि लापता भारतीयों के बारे में जानकारी मिल सके। विदेश मंत्रालय उनके परिवारों के संपर्क में भी है और उन्हें हरसंभव सहायता दी जा रही है। रूसी सेना में फंसे भारतीयों की रिहाई पर क्या बोला मंत्रालय विदेश मंत्रालय ने बताया कि रूसी सेना में मौजूद भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए रूस के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है। अब तक 139 भारतीय नागरिकों की रिहाई कराई जा चुकी है। मंत्रालय ने कहा कि अभी भी रूसी सेना में बताए जा रहे करीब दो दर्जन भारतीयों की रिहाई के प्रयास जारी हैं। साथ ही लोगों को ऐसे नौकरी के प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह दी गई, जो जोखिम भरे हों और संदिग्ध एजेंसियों द्वारा दिए जाते हों। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर क्या बोला भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस बार ब्रिक्स का अध्यक्ष है और पूरी तैयारी के साथ सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। निमंत्रण और अन्य तकनीकी मामलों पर बाद में जानकारी दी जाएगी। अमेरिकी सीनेट के विधेयक पर उन्होंने कहा कि भारत इस घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है।ऊर्जा सुरक्षा भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जुड़ा विषय है और देश अपनी जरूरतों को विभिन्न स्रोतों, जिनमें अमेरिका भी शामिल है, से पूरा करता रहेगा। एमनेस्टी रिपोर्ट पर भारत का क्या जवाब है एमनेस्टी की रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास रणनीतिक व्यापार नियंत्रण के लिए मजबूत कानूनी और नियामकीय व्यवस्था मौजूद है। भारत दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं और प्रौद्योगिकियों का निर्यात अपने राष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप करता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में सभी निर्यात तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए किए जाते हैं। पीओजेके को लेकर पाकिस्तान पर क्या आरोप लगाए विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान का प्रशासन पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ कठोर बल प्रयोग कर रहा है। मंत्रालय के अनुसार, इस कार्रवाई में 40 से अधिक निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा प्रदर्शनकारियों को दुश्मन बताना वहां के लोगों के प्रति प्रशासन के रवैये को दिखाता है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विशेष सहायक ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि जिन मुजाहिदीनों को पाकिस्तान ने प्रशिक्षित किया, वित्तीय सहायता दी और हथियार देकर भारत भेजा था, वही अब पाकिस्तान के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि वहां के लोगों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से स्वतंत्र जांच की मांग की है और भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की जांच कर उसे जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 31, 2026, 14:05 IST
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