निकाय चुनाव: टिकट की नाराजगी ने पकड़ा तूल, ब्राह्मण समाज ने फूंके भाजपा-कांग्रेस जिलाध्यक्षों के पुतले

आबूरोड नगरपालिका चुनाव में टिकट वितरण को लेकर ब्राह्मण समाज में नाराजगी सामने आई है। टिकट वितरण में समाज की कथित उपेक्षा से नाराज समाजबंधुओं ने ब्रह्मपुरी कॉलोनी स्थित परशुराम धर्मशाला में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस के जिलाध्यक्षों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने दोनों जिलाध्यक्षों के पुतले फूंके और जमकर नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया। समाजबंधुओं ने आगामी 9 मार्च को होने वाले चुनाव में वोट की ताकत के जरिए समाज की राजनीतिक शक्ति का अहसास कराने का संकल्प भी लिया। बैठक में टिकट वितरण को लेकर जताई नाराजगी पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन से पहले समाजबंधुओं की बैठक हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि इस बार निकाय चुनाव में कांग्रेस और भाजपा ने ब्राह्मण समाज को केवल वोट बैंक समझने की भूल की है। उनका आरोप था कि जिन वार्डों में समाज का मजबूत वजूद रहा है, वहां भी समाज के लोगों को टिकट नहीं देकर अन्य लोगों को टिकट दिया गया है। इसे समाज के लिए असहनीय बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि आगामी 9 मार्च को होने वाले चुनाव में समाज अपने वोट के जरिए इसका जवाब देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी राजनीतिक दल समाज को असहाय या कमजोर समझने की भूल करेगा, उसे चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। नारेबाजी कर लगाए गंभीर आरोप बैठक के दौरान समाजबंधुओं ने भाजपा और कांग्रेस के जिलाध्यक्षों पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने और प्रभावशाली व धनाढ्य परिवारों के लोगों को टिकट देने के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले एक परिवार के रिसॉर्ट से टिकट बेचने का भी आरोप लगाया। इन आरोपों को लेकर समाजबंधुओं ने दोनों जिलाध्यक्षों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतले फूंके। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- आरोप साबित करें मामले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया ने कहा कि पार्टी की ओर से आबूरोड के वार्ड संख्या 10 और 18 में ब्राह्मण समाज को दो टिकट दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वार्ड संख्या 12 में टिकट काटे जाने का कारण जातिगत समीकरण है। उनके अनुसार, इस वार्ड से टिकट के लिए दावेदारी करने वाले तीनों लोग एक ही परिवार से थे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने समाजबंधुओं की ओर से लगाए गए आरोपों को आधारहीन बताते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले उन्हें साबित करें। भाजपा जिलाध्यक्ष का पक्ष नहीं मिल सका मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर दो बार संपर्क करने का प्रयास किया गया। हालांकि, उन्होंने कॉल अटैंड नहीं किया। ऐसे में खबर लिखे जाने तक इस मामले में उनका पक्ष नहीं मिल सका।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 02, 2026, 21:06 IST
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