MP विधानसभा: 54 विभागों में 1336 मामले लंबित, अपूर्ण उत्तरों में GAD टॉप पर; संसदीय कार्य विभाग का अलर्ट

मध्य प्रदेश सरकार के विभिन्न विभाग विधानसभा से जुड़े मामलों का समय पर निराकरण करने में पीछे चल रहे हैं। राज्य के 54 विभागों में कुल 1336 मामले लंबित हैं। इनमें विधानसभा में पूछे गए प्रश्नों के 832 अपूर्ण उत्तर, शून्यकाल के 86 मामले, 298 आश्वासन तथा लोक लेखा समिति (पीएसी) की 120 सिफारिशें शामिल हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा का 20 जुलाई से मानसून सत्र शुरू होने जा रहा हैं। इससे पहले संसदीय कार्य विभाग ने सभी विभागाें के प्रमुख सचिवों, अपर मुख्य सचिवों और विभागाध्यक्षों को लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण कर समय पर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगामी विधानसभा सत्र से पहले लंबित प्रकरणों की संख्या कम की जा सके। ये भी पढ़ें-MP News:जाति प्रमाण पत्र मामले में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को नोटिस, 6 जुलाई को छानबीन समिति ने किया तलब सबसे अधिक लंबित मामले सामान्य प्रशासन विभाग में जानकारी के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग सबसे अधिक लंबित मामलों वाला विभाग है। यहां कुल 172 प्रकरण लंबित हैं। इनमें शून्यकाल के 5, अपूर्ण उत्तर 148, आश्वासन 18 और लोक लेखा समिति की 1 सिफारिश शामिल है। किसान कल्याण एवं कृषि विभाग दूसरे स्थान पर हैं। विभाग में कुल 154 मामले लंबित हैं। इनमें 2 शून्यकाल, 126 अपूर्ण उत्तर, 16 आश्वासन और लोक लेखा समिति की 10 सिफारिशें शामिल हैं। ये भी पढ़ें-Twisha Case Update:त्विषा शर्मा केस में सास गिरिबाला और पति समर्थ की न्यायिक हिरासत बढ़ी राजस्व, चिकित्सा शिक्षा और गृह विभाग भी पीछे नहीं राजस्व विभाग में 122 मामले लंबित हैं। इनमें 14 शून्यकाल, 79 अपूर्ण उत्तर, 13 आश्वासन और 16 लोक लेखा समिति की सिफारिशें शामिल हैं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 121 मामले लंबित हैं। इनमें 6 शून्यकाल, 60 अपूर्ण उत्तर, 46 आश्वासन और 9 लोक लेखा समिति की सिफारिशें शामिल हैं।गृह विभाग में भी 115 मामले लंबित हैं। इनमें 83 अपूर्ण उत्तर और 32 आश्वासन शामिल हैं। इस विभाग में शून्यकाल और लोक लेखा समिति की कोई सिफारिश लंबित नहीं है। वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में कुल 57 मामले लंबित हैं। इनमें 9 शून्यकाल, 14 अपूर्ण उत्तर, 21 आश्वासन और 13 लोक लेखा समिति की सिफारिशें शामिल हैं। ये भी पढ़ें-MP Politics:हेमंत खंडेलवाल बाेले- कांग्रेस गुटबाजी और नेतृत्व संकट से जूझ रही, जनता के मुद्दों से भटक गई पार्टी अपूर्ण उत्तर सबसे बड़ी चिंता रिपोर्ट से साफ है कि विधानसभा में पूछे गए प्रश्नों के 832 अपूर्ण उत्तर सबसे बड़ी चिंता का विषय हैं। इसके अलावा सदन में मंत्रियों द्वारा दिए गए 298 आश्वासन अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। वहीं, 120 लोक लेखा समिति की सिफारिशों पर भी कार्रवाई लंबित है। प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से प्रस्तावित है। ऐसे में संसदीय कार्य विभाग ने सभी विभागों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने और समय पर जवाब उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी न हो और सभी विभाग समयसीमा के भीतर जवाब भेजना सुनिश्चित करें। ये भी पढ़ें-MP News:बैतूल को मिल सकता है नगर निगम का दर्जा, 26 ग्राम पंचायतों को शहरी सीमा में शामिल करने की तैयारी प्रमुख विभागों के लंबित मामले विभाग कुल लंबित मामले सामान्य प्रशासन - 172 किसान कल्याण एवं कृषि विकास - 154 राजस्व - 122 लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा- 121 गृह -115 पंचायत एवं ग्रामीण विकास -57 54 विभागों का कुल - 1336 ये भी पढ़ें-MP News:राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री बोले-सेवा की जिम्मेदारी संत परंपरा से जुड़े लोगों को मिले कुल लंबित मामलों का विवरण शून्यकाल : 86 अपूर्ण उत्तर : 832 आश्वासन : 298 लोक लेखा समिति की सिफारिशें : 120 कुल लंबित प्रकरण : 1336

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 30, 2026, 22:21 IST
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