MP News: इंदौर में 30 टन रोजाना दूध पाउडर बनाने का संयंत्र स्थापित, निजी कंपनियों पर निर्भरता होगी कम
मध्य प्रदेश स्टेट को-आपरेटिव डेरी फेडरेशन (सांची) ने इंदौर में 30 मीट्रिक टन रोजाना दूध पाउडर बनाने की क्षमता वाला एक नया संयंत्र स्थापित किया है। इससे प्रदेश में दूध पाउडर उत्पादन की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और निजी कंपनियों पर निर्भरता कम होगी। वर्तमान में सांची के पास इंदौर और ग्वालियर में 10-10 मीट्रिक टन क्षमता वाले संयंत्र पहले से ही चल रहे हैं, जो सांची मिल्क पाउडर की आपूर्ति में अहम भूमिका निभाते हैं।अब, इंदौर में स्थापित नया संयंत्र सांची की आत्मनिर्भरता को और बढ़ाएगा। इस संयंत्र की लागत लगभग 76.5 करोड़ रुपये है, जिसमें से 30 करोड़ रुपये सांची ने जायका से लोन के रूप में लिया है और बाकी की राशि इंदौर दुग्ध संघ ने निवेश की है। इस संयंत्र का उद्घाटन केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह अगले महीने कर सकते है। इससे न सिर्फ प्रदेश की डेयरी उद्योग को प्रगति मिलेगी, बल्कि किसानों को भी लाभ होगा। अब मध्य प्रदेश में सांची के संयंत्रों की कुल मिलाकर 50 मीट्रिक टन रोजाना दूध पाउडर बनाने की क्षमता हो गई है, जो प्रदेश के दूध उत्पादन में आत्मनिर्भरता को और बढ़ाएगा। सांची द्वारा रोजाना नौ लाख लीटर दूध की खरीद सांची हर दिन 9 लाख लीटर दूध खरीदता है, जो 6,000 से अधिक किसान समितियों द्वारा प्रदान किया जाता है। इस दूध से सांची श्रीखंड, छेना, मठा, दही, मावा जैसे अन्य उत्पाद भी तैयार करता है। अतिरिक्त दूध को पाउडर बनाने के लिए इंदौर और ग्वालियर स्थित संयंत्रों में भेजा जाता है।प्रदेश में दूध का उत्पादन आम तौर पर दिसंबर से मार्च तक अधिक होता है और इस दौरान मिल्क पाउडर का उत्पादन भी बढ़ जाता है। इसके अलावा, सांची को साल भर में लगभग 4,000 मीट्रिक टन मिल्क पाउडर की आवश्यकता होती है। दूध पाउडर तैयार करने के लिए 9 से 10 किलो दूध की आवश्यकता होती है। सरकार की आगामी योजनाएं सांची और एनडीडीबी के बीच अगले महीने एक अनुबंध होने जा रहा है, जिसके बाद दूध संकलन में वृद्धि की जाएगी। इसके तहत, प्रतिदिन 10.50 लाख किलोग्राम दूध का संकलन बढ़कर 20 लाख किलोग्राम तक हो जाएगा। साथ ही, दूध उत्पादक संस्थाओं के माध्यम से दूध की खरीद 1.3 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 3.7 लाख किलोग्राम प्रतिदिन की जाएगी। प्रदेश में डेयरी संयंत्रों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी और वर्तमान में 18 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता को बढ़ाकर 30 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा।दूध में 85 प्रतिशत पानी, 6 प्रतिशत फैट और 9 प्रतिशत विटामिन और मिनरल्स होते हैं। इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, सोडियम, कॉपर सहित कई अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए आवश्यक होते हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 25, 2025, 21:42 IST
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