Pithoragarh: मार्च में तीसरी बार हुई बर्फबारी, चोटियों ने ओढ़ी बर्फ की चादर; दो दिन बाद खिली धूप, मिली राहत
पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी, धारचूला में मार्च में तीसरी बार हिमपात होने से हिमालयी चोटियों का सौंदर्य निखर गया है। दारमा और कैलाश पथ यात्रा मार्ग बर्फबारी के चलते बंद है। बीआरओ की टीम सड़क से बर्फ हटाने में जुटी है। सोमवार को धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिली। अक्तूबर से जनवरी तक बारिश और बर्फबारी नहीं होने से सीमांत की ऊंची चोटियां काली पड़ गई थीं। फरवरी के अंतिम दिन ऊंची चोटियों पर जहां जमकर बर्फबारी हुई और निचली घाटियां भी बारिश से तरबतर हो गई थीं। मार्च में इस बार ऊंची चोटियों पर तीन बार बर्फ गिर चुकी है। इससे छिपलाकेदार, पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा, नाग्निधुरा समेत कैलाश यात्रा पथ और दारमा घाटी के गांव बर्फ से पूरी तरह आच्छादित हो गए हैं। इधर, दारमा घाटी के चलखूम, गलछिन, युसुंग और वोरुंग नाले में अस्थायी ग्लेशियर बन गए हैं। बीआरओ सड़क पर बने ग्लेशियरों को हटाने में जुटी हुई है। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के छियालेख, गर्ब्यांग, नपलचू, गुंजी, नाबी, रोकांग और कुटी में भी काफी ज्यादा बर्फ गिरी है। सड़क से बर्फ हटाने में जुटी है बीआरओ धारचूला मेंबीआरओ के 67 आरसीसी ग्रिफ के जेई उमाशंकर ने बताया कि सोबला-ढाकर सड़क के पंगावे और चलखूम ग्लेशियर प्वाइंट पर सड़क से बर्फ हटाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीआरओ की चार जेसीबी मशीनें और 25 मजदूर सड़क खोलने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। ग्राम प्रशासक रोकांग अंजू रोंकली और गुंजी सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने बताया कि व्यास घाटी में सोमवार सुबह मौसम ठीक था। दोपहर एक बजे के बाद बादल छा गए। इधर तवाघाट-लिपुलेख-कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के छियालेख से गुंजी तक एक फुट से अधिक बर्फ होने से सड़क बंद है। लोहाघाट में तेज बारिश के साथ गिरे ओले लोहाघाट क्षेत्र में सोमवार को भी मौसम प्रतिकूल रहा और तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। करीब एक घंटे बाद सुबह मौसम सुहावना हो गया। सोमवार को सुबह चटख धूप खिली हुई थी लेकिन दोपहर करीब 12:30 बजे के बाद आसमान बादलों से घिर गया और झमाझम बारिश के साथ ओले गिरने लगे। बारिश की वजह से बाजार में सन्नाटा पसर गया। समय-समय पर हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आ गई है। इधर, बारिश के चलते किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। एडीओ उद्यान आशीष रंजन खर्कवाल ने बताया कि बारिश से आलू की फसल और पशु चारे को काफी फायदा मिलेगा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 17, 2025, 17:26 IST
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