नवरात्र: 51 शक्तिपीठों में शामिल है बड़ी पटन देवी मंदिर, लाखों श्रद्धालु आते हैं दर्शन करने; जानिए खास बातें
आज शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन है। आज मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप माता ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। सनातन में नवरात्रि विशेष धार्मिक महत्व रखने वाला पर्व है, जिसे शक्ति की देवी दुर्गा की उपासना के रूप में मनाया जाता है। शारदीय नवरात्र में पटना सिटी स्थित पटन देवी शक्ति पीठ में पूजा का खास महत्व है। यहां तीन महादेवियों की पूजा की जाती है। नवरात्र के अवसर पर यहां दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु पटन देवी माता मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह एक पौराणिक और ऐतिहासिक मंदिर है। मान्यता है कि यहां माता सती की दायी जांघ गिरी थी। इसी कारण यह 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां मां भगवती के तीन रूपों महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की पूजा की जाती है। माता सती से जुड़ी है शक्तिपीठ की मान्यता पौराणिक कथा के अनुसार, राजा दक्ष प्रजापति ने एक यज्ञ का आयोजन किया था। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव का अपमान किया, जिससे आहत होकर माता सती ने यज्ञ की अग्नि में अपने प्राण त्याग दिए। पत्नी की मृत्यु से दुखी भगवान शिव उनके पार्थिव शरीर को लेकर तांडव करने लगे। मान्यता है कि सृष्टि को इस संकट से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को खंडित कर दिया। माता सती के शरीर के अंग अलग-अलग स्थानों पर गिरे और उन स्थानों को शक्तिपीठ के रूप में मान्यता मिली। मान्यता है कि पटना सिटी स्थित बड़ी पटन देवी मंदिर वाले स्थान पर माता सती की दायीं जांघ गिरी थी। इसी वजह से इसे 51 शक्तिपीठों में शामिल माना जाता है। इसलिए विशेष धार्मिक महत्व है। नवरात्रि : पत्तों से बन रहा खजुराहो मंदिर, दुर्गा पूजा पर यहां उमड़ेगी भीड़; पटना में पूजा का मुहूर्त भी देखें तीन देवियों की प्रतिमाएं हैं मंदिर की खास पहचान मंदिर के महंत विजय शंकर गिरी ने बताया कि बड़ी पटन देवी मंदिर में काले पत्थर से बनी महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इतिहासकार इन तीन प्रतिमाओं को अति प्राचीन बताते हैं। महंत ने बताया कि माता को नगर का रक्षक भी कहा जाता है। मान्यता है कि आधी रात को माता नगर भ्रमण करने निकलती है। नवरात्र के दौरान विशेष रूप से पूजा की जाती है। मंदिर से जुड़ी मान्यताओं में योनि कुंड का भी उल्लेख मिलता है। श्रद्धालुओं के बीच ऐसी मान्यता है कि इस कुंड में हवन सामग्री डालने पर वह पाताल तक पहुंच जाती है। यह विश्वास मंदिर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं का हिस्सा है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 12, 2026, 08:30 IST
नवरात्र: 51 शक्तिपीठों में शामिल है बड़ी पटन देवी मंदिर, लाखों श्रद्धालु आते हैं दर्शन करने; जानिए खास बातें #CityStates #Bihar #Patna #BadiPatanDeviTemple #PatanDeviTemplePatna #ShaktipeethInBihar #51Shaktipeeths #SharadiyaNavratri2026 #GoddessSati #GoddessDurga #Mahakali #Mahalakshmi #Mahasaraswati #SubahSamachar
