Yamuna Nagar News: नो एंट्री बोर्ड के लिए नहीं बजट, शहर में बेधड़क दौड़ रहे भारी वाहन
यमुनानगर। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के दावे उस समय खोखले साबित हो रहे हैं, जब जिला पुलिस के पास नो एंट्री के बोर्ड लगाने तक का बजट नहीं है। हालत यह है कि छह माह पहले शहर में छह प्रमुख स्थानों पर नो एंट्री के बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन धन के अभाव में यह योजना आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर प्रशासन द्वारा सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद ट्रक, डंपर और ट्राला जैसे भारी वाहन दिनभर शहर की सड़कों पर बेधड़क दौड़ते नजर आते हैं। नो एंट्री के स्पष्ट संकेतक बोर्ड न होने के कारण चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। कुछ माह पहले ही चांदपुर बाइपास पर छह साल के बच्चे की भारी वाहन की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। शहर के सहारनपुर रोड, कुरुक्षेत्र रोड, छछरौली हाईवे, अंबाला मार्ग, व्यासपुर स्टेट हाईवे और पुराना सहारनपुर रोड जैसे प्रमुख मार्गों से भारी वाहनों की लगातार एंट्री हो रही है। इन मार्गों पर पहले भी नो एंट्री के बोर्ड लगाए गए थे, लेकिन समय के साथ वे क्षतिग्रस्त हो गए या तोड़ दिए गए। इसके बाद से नए बोर्ड लगाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। भारी वाहनों की इस अनियंत्रित आवाजाही के कारण शहर में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोग लगातार इस समस्या को लेकर चिंता जता रहे हैं, लेकिन समाधान के नाम पर अब तक केवल कागजी कार्रवाई ही होती नजर आई है। यह मुद्दा हाल ही में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी प्रमुखता से उठा। बैठक में एडीसी नवीन आहूजा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि लाडवा जैसी छोटी नगरपालिका भी अपने क्षेत्र में भारी वाहनों की एंट्री को नियंत्रित करने में सफल रही है, जबकि यमुनानगर जैसे नगर निगम क्षेत्र में यह व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। संवाद
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 03, 2026, 03:51 IST
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